आजमगढ़। छात्रसंघ चुनाव को लेकर सोमवार को शहर में सुबह से ही गहमा-गहमी की स्थिति थी। शहर के दो प्रतिष्ठित विद्यालयों शिब्ली पीजी कालेज व डीएवी पीजी कालेज पर छात्रसंघ का चुनाव हो रहा था। मतदान का कार्य तो सकुशल संपन्न हो गया लेकिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित होने पर डीएवी पीजी कालेज पर हंगामे के बीच फायरिंग व पथराव की भी सूचना है, जबकि कालेज व पुलिस प्रशासन इससे इंकार कर रहा है।
शिब्ली पीजी कालेज में सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हुआ। ो10 बजे तक मतदान काफी धीमा रहा लेकिन उसके बाद बूथों पर मतदाता उमड़ पड़े और कई बूथों पर लंबी लाइन लग गई। मतदान की समाप्ति तक लगभग 48 प्रतिशत छात्रों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। दो बजे से मतगणना का कार्य शुरू हुआ। अध्यक्ष पद पर 1907 मत प्राप्त कर सैयद एहतेशाम विजयी रहे।
उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मो. शारिक खान को 482 मतों से पराजित किया। महामंत्री पद पर मोहम्मद अहमद 1873 मत प्राप्त कर विजयी हुए। उन्होंने मो. सादिक 1355 को 518 मतों से पराजित किया। कला संकाय प्रतिनिधिपद पर सफीफुर्रहमान ने शुभम यादव को 89 मतों, विज्ञान संकाय पद पर अकरम शब्बीर ने अबू ओसामा को 38 मतो, वाणिज्य संकाय में अबू हमजा ने मो. कामरान को 110, विधि संकाय में अतू हाशिम ने अश्विनी चौहान को 21 मत व शिक्षा संकाय में मो. समीर ने गोविंद मौर्या को 33 मतों के अंतर से पराजित किया।
चुनाव अधिकारी डॉ. जेडआर खान ने बताया कि कुल 4795 मत पड़े, जिसमें वैध मतों की संख्या 4728 रही। परिणामों की घोषणा के बाद प्राचार्य डॉ. गयास असद खान ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिला कर छात्रसंघ का गठन कर दिया। शांतिपूर्ण चुनाव कराने में प्राक्टर डॉ. जहूर आलम, सलाहकार डॉ. मो. सलमान, सहायक चुनाव अधिकारी डॉ. अल्ताफ, डॉ. शफकत अलाउद्दीन, मीडियाप्रभारी डॉ. बीके सिंह, डॉ. जावेद, डॉ. जिम्मी, डॉ. नोमान आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डीएवी पीजी कालेज का चुनाव कुछ ज्यादा हंगामेदार रहा। परिणाम की घोषणा होने के बाद अध्यक्ष पद के विजेता व उप विजेता प्रत्याशियों के समर्थक भिड़ गए। इस दौरान फायरिंग व पथराव भी हुआ। हांलाकि विद्यालय व पुलिस प्रशासन ऐसी किसी घटना से इंकार कर रहा है। यहां वोटिंग से लेकर परिणाम घोषित होने तक हंगामें की स्थिति देखने को मिली। चुनाव अधिकारी डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि अध्यक्ष पद पर तरूण कुमार यादव 1466 मत प्राप्त कर विजयी घोषित किए गए। उन्होंने कृष्णकांत यादव 733 को हराया। उपाध्यक्ष पद पर 1269 मत प्राप्त कर विशाल दूबे विजयी रहे। 531 मतों के साथ प्रवीण चौधरी को दूसरा स्थान मिला। महामंत्री पद पर अजय यादव 864 ने निकटतम प्रतिद्वंदी रितुराज सिंह 789 को पराजित किया। संयुक्त मंत्री पद पर विशाल राजभर, कला संकाय प्रतिनिधि पद पर कृष्णा सोनकर व वाणिज्य संकाय प्रतिनिधि पद पर अमरेंद्र कुमार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।
सुरक्षा के किए गए थे कड़े इंतेजाम
आजमगढ़। छात्रसंघ चुनाव को देखते हुए शिबली व डीएवी पीजी कालेज पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शिब्ली पर शहर कोतवाली पुलिस के अलावा मुबारकपुर, गंभीरपुर, तरवां, बरदह थाना की पुलिस फोस व एसओ के साथ ही दो प्लाटून पीएसी व भारी संख्या में महिला ट्रेनी आरक्षियों की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही डीएवी पर शहर कोतवाली पुलिस के अलावा कंधरापुर, निजामाबाद, रानी की सराय एसओ मय फोर्स के साथ मौजूद रहे। यहां एक प्लाटून पीएसी व महिला ट्रेनी आरक्षी भी ड्यूटी में तैनात थे।
महाविद्यालयों के पास था मेले जैस माहौल
आजमगढ़। छात्रसंघ चुनाव के चलते महाविद्यालयों के पास मेले जैसा नजारा देखने को मिल रहा था। सड़क पर जगह-जगह विभिन्न खाद्य सामग्रियों की दुकाने सजी हुई थी तो वहीं मतदाता छात्रों को लुभाने के लिए प्रत्याशियों के समर्थक हाथ जोड़ते व पैर छूते नजर आ रहे थे। वहीं कई प्रत्याशियों के द्वारा चार पहिया वाहनों से भी मतदाताओं को लाया व ले जाया जा रहा था।
पंपलेट से पट गई थी सड़क
आजमगढ़। शहर के दोनों महाविद्यालयों के आसपास की सड़क मतदान शुरू होने के बाद से ही पंपलेट से पट गई थी। प्रत्याशियों के समर्थक मतदाताओं को अपने प्रत्याशी के पंपलेट देकर वोट देने की अपील तो कर रहे थे वहीं गड्डी की गड्डी पंपलेट सड़क पर उड़ाई भी जा रही थी। शिब्ली कालेज के पास पहाड़पुर तिराहे से एसकेपी इंटर कालेज तक की सड़क व डीएवी कालेज के पास गांधी तिराहे से कालीचौरा तिराहे तक की सड़क पूरी तरह से पंपलेट से पट गई थी।
शपथ के बाद घर भेजे गए प्रत्याशी
आजमगढ़। मतगणना के बाद परिणाम घोषित होते ही महाविद्यालयों में विजेताओं को शपथ ग्रहण करा कर छात्रसंघ का गठन कर दिया गया। इसके पश्चात महाविद्यालय व पुलिस प्रशासन ने विजेताओं को अपनी सुरक्षा में लेकर उनके घर पहुंचा था। पुलिस प्रशासन इतना सक्रिय रहा कि किसी भी विजेता प्रत्याशी को जुलूस निकाल कर जीत का जश्र सड़क पर मनाने का मौका ही नहीं दिया।