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50 फीसदी शौचालय बने और गांव खुले में शौच मुक्त

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अहरौला। भले ही जिले को 30 नवंबर को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है, लेकिन गांव में शौचालयों की हालत अभी भी बदतर है। अब भी लोगों को शौच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। गांव में कहीं 40 तो कहीं 50 फीसदी ही शौचालय का निर्माण पूरा है।
ब्लाक के ग्राम इसहाकपुर के सचिव वीरेंद्र यादव और प्रधान अंगद चौबे गांव को ओडीएफ की सूची में दर्ज करा दिया है। इसके राजस्व गांव इसहाकपुर में 398, चौबे पट्टी में 34, बेराव में 114 शौचालय बने दिखाए गए हैं। सचिव वीरेंद्र यादव और प्रधान अंगद चौबे ने बताया शौचालय 2014 के पहले निर्मल भारत में बनाए गए थे। मौके पर 10 फीसदी शौचालय चल रहे हैं। शेष शौचालय या तो बनाए नहीं गए या अर्धनिर्मित हैं। एक परिवार को दो से तीन शौचालय भी जारी किए गए थे।
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चार दिन पहले जिलाधिकारी की गठित टीम मौके पर पहुंची थी। डीएम ने यहां के पूर्व प्रधान को नोटिस भी जारी किया है। यह सारे शौचालय पूर्व प्रधान के ही समय में बनाए गए हैं। नए प्रधान के समय में यहां कोई शौचालय अभी नहीं बनाया गया है। मड़ना ग्रामसभा में 110 शौचालय के सापेक्ष 40 शौचालय का निर्माण हुआ है। शेष शौचालय अभी या तो अपूर्ण है या लाभार्थी के खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। परगाशपुर गांव में 104 शौचालय के सापेक्ष 90 निर्मित हुए हैं। शेष अभी निर्मित होने हैं।
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हंसनाडीह ग्राम सभा के सोफीगढ़ राजस्व गांव के पांच परिवारों को शौचालय देकर ढाई सौ घर को ओडीएफ घोषित कर दिया गया था। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए प्रदर्शन भी किया था। ब्लाक में 21766 शौचालयों के सापेक्ष 16068 पूर्ण हैं। पकड़ी ग्रामसभा में 328 लाभार्थियों के खाते में पैसा भेजा गया है। इसमें 245 शौचालय पूर्ण हैं। प्रधान दिलीप कुमार ने बताया कि जल्दी पूर्ण कर लिया जाएगा। प्रभारी एडीओ पंचायत संतोष यादन ने बताया कि 70 फीसदी शौचालयों का निर्माण करा दिया गया है। अन्य का कराया जा रहा है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ब्लाक को ओडीएफ घोषित किया गया है।

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