आजमगढ़। गेहूं भंडारण के लिए चकलव में बनाए गए मुख्य गोदाम पर क्षेत्रीय प्रबंधक भारतीय खाद्य निगम की ओर से अनाज के उतार और चढ़ाव पर रोक लगा दी गई है। ऐसा अनुबंध के अनुसार ठेकेदार की तैनाती नहीं करने से किया गया है। वहीं रोक से गेहूं भंडारण में समस्या खड़ी हो गई है। इससे खरीद भी प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई है। जिलाधिकारी समस्या के समाधान के लिए आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग को समस्या से अवगत कराया है।
खाद्य एवं विपणन विभाग की ओर से गेहूं खरीद 2018-19 में भंडारण के लिए प्रमुख बफर गोदाम पीईजी चकवल को बनाया गया है। इसकी भंडारण क्षमता 75000 एमटी है। मुख्य डिपो होने के कारण गेहूं यहीं उतारा जाता है। भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने 25 अप्रैल को पीईजी डिपो चकवल में अनुबंध के अनुसार ठेकेदार (एचटीसी) की नियुक्ति नहीं होने से अनाज के उतार और चढ़ाव पर रोक लगा दी गई है। इसस गेहूं भंडारण की समस्या उत्पन्न हो गई है। अभी तक जनपद में 13585 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है। अब समस्या ये है कि खरीदा गया गेहूं कहां रखा जाएगा। इसके कारण गेहूं खरीद प्रभावित होने की संभावना पैदा हो गई है। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग को समस्या से अवगत कराया है।
2727 कुंतल की हुई खरीद
सगड़ी। गेहूं क्रय केंद्र जीयनपुर पर गेहूं की खरीद का कार्य तेजी पर है। अब तक 58 किसानों ने अपना गेहूं इस केंद्र पर बेचा है। इस केंद्र पर गेहू की बिक्री के लिए 390 किसानों ने पंजीकरण कराया है। विपणन केंद्र के एसएमआई जाहिद कमाल पाशा ने बताया कि इस केंद्र पर शासन ने 15 हजार कुंतल गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 58 किसानों से 2727 कुंतल गेहूं खरीदा जा चुका है। प्रति कुंतल गेहूं का मुल्य 1735 रुपये है। गेहूं खरीद के उपरांत 24 से 72 घंटे के अंदर किसानों का भुगतान उनके खाते में ऑनलाइन कर दिया जा रहा है। गेहूं खरीद का कार्य 15 जून तक चलेगा।