आजमगढ़। छह माह से मानदेय नहीं पा रहे स्वच्छताग्रहियों ने मंगलवार को सुबह डीएम कार्यालय के सामने मानदेय की मांग को लेकर जाम लगा दिया। लगभग 15 मिनट बाद पहुंचे प्रभारी निरीक्षक कोतवाली और तहसीलदार सदर ने समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। इसके बाद स्वच्छताग्रहियों ने विकास भवन का घेराव किया। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की डीसी के पांच जनवरी तक मानदेय भुगतान का आश्वासन देने के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए।
स्वच्छ भारत अभियान के प्रति ग्रामीण को जागरूक करने और खुले में शौच न जाने के प्रति प्रेरित करने के लिए जनपद में 805 स्वच्छताग्रहियों की तैनाती की गई है। ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत जनपद के 22 ब्लाकों में तौनात स्वच्छताग्रहियों का पिछले छ: माह से मानदेय नहीं दिया गया। इससे क्षुब्ध स्वच्छताग्राहियों ने मंगलवार को डीएम कार्यालय के सामने मानदेय की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। जिलाधिकारी के न होने पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली और तहसीलदार सदर ने उन्हें समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। स्वच्छताग्रहियों ने तहसीलदार सदर के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी भेजा। इसके बाद स्वच्छताग्राहियों ने विकास भवन का घेराव किया। सूचना पर पहुंची डीसी प्रीति सिंह को बताया कि दो अक्टूबर 2018 तक देश को खुले में शौच से मुक्त करना है। पिछले छह महीनों से स्च्छताग्रही खुले में शौच करने से होने वाले बीमारियों के बारे में बताते हुए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। छह माह बीत जाने के बाद भी न तो कोई वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही आने-जाने, भोजन का पैसा ही दिया गया है। छह माह से मानेदय भी नहीं किया गया है। डीसी ने पांच जनवरी तक मानदेय भुगतान का आश्वासन दिया है।इस मौके पर सुरेन्द्र कुमार हर्ष, रामप्रसाद यादव, सूरज मिश्रा, घनश्याम यादव, चन्द्रशेखर, संदीप यादव, मनोज यादव, देवेन्द्र यादव, कमलेश यादव, मेनिका, माला विश्वकर्मा, संध्या विश्वकर्मा, पूजा, सीमा, रमाकान्त यादव, चार्ली कुमार, दिनेश सोनकर आदि मौजूद रहे।