आजमगढ़। जहां आम उपभोक्ता के बिजली का बिल थोड़ा सा ज्यादा होने पर उसके कनेक्शन का विच्छेदन कर देता है। वहीं लाखों रुपये के बकाएदारों का कुछ पैसा खर्च करने के बाद पीडी (परमानेंट डिस्कनेक्शन) हो जाता है और उसका सारा बिल माफ हो जाता है। बाद में उसके स्थान पर उसके परिवार के दूसरे सदस्य के नाम पर नया कनेक्शन कर दिया जाता है।
ऐसे ही एक मामले की शिकायत अधिवक्ता अरूणेंद्र कुमार सिंह ने की है। जिसमें उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड को पत्र देकर पल्हना विकास खंड के महुवारी गांव निवासी एक व्यक्ति पर लाखों रुपये बकाया होने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उक्त व्यक्ति के ऊपर लगभग छह लाख रुपये की आरसी विद्युत विभाग की ओर से जारी की गई थी। लेकिन उसकी मौत के बाद उनके वारिसों ने विभागीय मिलीभगत से कनेक्शन पीडी करवा दिया। इतना ही नहीं उस बकाएदार के सगे भाई के खिलाफ भी तरवां थाने में चोरी का मुकदमा पंजीकृत हुआ था और न्यायालय तक पहुंचा। लेकिन उसकी मौत के बाद उक्त मुकदमा समाप्त हो गया। लगभग पांच वर्ष पूर्व उक्त बोरिंग को विभागीय अधिकारियों ने चालू हालत में पाया और मृतक के एक पुत्र के नाम मुकदमा दर्ज कराया। जिसका जुर्माना भी जमा हुआ। बाद में उक्त स्थान से 100 मीटर की दूरी पर दूसरी बोरिंग कराकर विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कनेक्शन ले लिया गया। वर्तमान में उनके द्वारा नंगे तार के सहारे बिजली का उपभोग कर रहे हैं। उन्होंने अधिशासी अभियंता से उक्त प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की लेकिन एक माह समय बीतने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि अधिवक्ता द्वारा इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, मुख्य अभियंता, विद्युत विभाग के एमडी, मंडलायुक्त से भी की गई है।