आजमगढ़। जिले में अवैध निर्माणों का सिलसिला काफी दिनों से जारी है। जिसका खामियाजा जनपद के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि जिस प्रकार अवैध संतानों को होने से नहीं रोका जा सकता है उसी प्रकार अवैध निर्माणों को भी नहीं रोका जा सकता है।
नगर के शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र होगा जहां ग्रीनलैंड और कृषि क्षेत्र में अवैध निर्माण न हो रहा हो। एक विद्यालय के ग्रीनलैंड में होने पर जिला प्रशासन उसे गिराने के लिए बुलडोजर लेकर जाता है लेकिन वहीं दूसरी तरफ उसी ग्रीन लैंड एरिया में बनी मल्टी स्टोरीज बिल्डिंग की ओर जिला प्रशासन और एडीए प्रशासन अपनी आंखें मूंदे रहता है। पूर्व में जिन भवनों के निर्माण को कृषि क्षेत्र और ग्रीन लैंड में होने के कारण रोका गया था। आज विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से वहां पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंगें तैयार हो चुकी हैं। कई जगहों पर नई बिल्डिंगें खड़ी होने के इंतजार में हैं। एडीएम के सचिव, जेई और एई इन अवैध निर्माणों पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। उनके द्वारा कर्मचारियों की कमी का रोना रोया जा रहा है। जबकि वर्तमान में विभाग के पास जितना स्टाप है उससे कम स्टाफ इससे पूर्व में था लेकिन तत्कालीन सचिव ने जनपद में अवैध निर्माणों पर रोक लगा दी थी। लेकिन उनके जाने के बाद जिले में अवैध निर्माणों की भरमार हो गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अवैध संतानें और अवैध निर्माण कभी रुके हैं कि रुकेंगे।
अगले हफ्ते से गरजेगा एडीए का बुलडोजर
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले अवैध निर्माणों और जगह-जगह की गई अवैध प्लाटिंग का चिन्हिकरण कर लिया गया है। अब अगले हफ्ते से बुलडोजर के साथ अवैध निर्माणों को धराशाई करने की कार्रवाई की जाएगी। हमारे पास स्टाफ की कमी है जिसके कारण हम अवैध निर्माणों पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं।
बाबू सिंह, एडीए सचिव।