फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अजमतगढ़ में निर्दलों ने पार्टी प्रत्याशियों की हालत बिगाड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
अजमतगढ़ में निर्दलों ने पार्टी प्रत्याशियों की हालत बिगाड़ी
विज्ञापन

सगड़ी। नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। नगर पंचायत अजमतगढ़ में सर्वाधिक मतदाता निषाद जाति के हैं। दूसरे नंबर पर राजभर मतदाता हैं। जो चुनाव परिणाम को प्रभावित करेंगे। सभी दलों के जातिवार नेता वोटरों को समझाने में लगे हैं।
विज्ञापन

बताते चलें कि नगर पंचायत अजमतगढ़ सुरक्षित सीट होने के नाते कांग्रेस पार्टी के पूर्व चेयरमैन 15 वर्ष से यहां का प्रतिनिधित्व करते थे। वर्तमान में वह भाजपा से राजनीति कर रहे हैं, इस चुनाव में उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। वहीं निर्दल प्रत्याशियों ने राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों की नींदें उड़ा रखी हैं। अजमतगढ़ में 72 प्रतिशत मतदाता ओबीसी, 21 प्रतिशत मतदाता दलित और सात प्रतिशत मतदाता सामान्य श्रेणी के हैं। सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण सभी पार्टियों ने सोनकर, चमार और धोबी जाति के लोगों को ही प्रत्याशी बनाया है। नगर पंचायत में निर्दल प्रत्याशियों के समर्थकों द्वारा यह नारा बुलंद किया जा रहा है कि सभी दलों में दलदल है सबसे अच्छा निर्दल है, मुर्गा मछली किसी का खाओ मोहर अपने मन की लगाओ। इस तरह के नारों से नगर पंचायत का हर क्षेत्र गूंज रहा है। चुनाव में विकास और स्वच्छता का मुद्दा नदारत हो चुका है। सभी प्रत्याशी विगत चुनाव में शराब और मीट, मछली को ही अपना मुद्दा बना रहे हैं। क्योंकि हाल ही में अजमतगढ़ में छह लोगों की मौत जहरीली शराब से हो चुकी है। अब प्रत्याशियों द्वारा इसी मुद्दे को लेकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें