मेजवां। फूलपुर तहसील क्षेत्र के पौराणिक स्थल दुर्वासा धाम स्थित तमसा-मंजुषा तट पर प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले की तैयारियां पूरी हो गई हैं। शुक्रवार से लोगों की भीड़ जुटेगी। यहां मेला तीन दिन तक रहेगा। व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
कार्तिक पूर्णिमा को दुर्वासा धाम के पवित्र नदी तमसा-मंजुषा संगम में स्नान करने का विशेष महत्व है। ऐसे में गुरुवार से ही दुर्वासा धाम में स्नानार्थियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। दूकानें सज गई हैं जहां पर पूर्वांचल के कोने-कोने से विभिन्न तरह की दूकानें लगाने के लिए व्यापारी पहुंच चुके हैं। मेला क्षेत्र में सर्कस, मौत का कुंआ, आसमानी झूला, ब्रेक डांस, रनिंग ट्रेन, डिजिटल लाइट डांस, जादूगर इत्यादि मंनोरजन के साधन की व्यवस्था है। मीना बाजार को अलग बनाया गया है। इसमें खास तौर से महिलाओ के श्रृगांर के सामान उपलब्ध है। खुर्जा, बाराबंकी, लखनऊ, कानपुर के व्यापारियों की ओर से खजला की दूकानें सजाई है। स्थानीय दुकानदारों की ओर से लाई, चूरा, गट्टा और नई भेली बेचने के लिए दूकानें लगाई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए फूलपुर, सरायमीर, निजामाबाद, अहरौला की पुलिस की तैनाती की गई है। निगरानी के लिए फूलपुर और निजामाबाद पुलिस क्षेत्राधिकारी रहेंगे।
मेले में सुरक्षा को पुख्ता करेगा बम निरोधक दस्ता
अहरौला। पौराणिक स्थल दुर्वासा धाम पर लगने वाले मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खाका खींच लिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था पर जहां पांच थानाध्यक्ष नजर रखेंगे। वहीं, बम निरोधक दस्ता मेले में सुरक्षा का पुख्ता करेगा। मेला क्षेत्र से तीन किमी पहले ही वाहन रोके जाएंगे। उनका मेला क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
कार्तिक पूर्णिमा पर पौराणिक स्थल दुर्वासा धाम पर लगने वाले तीन दिवसीय मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। दो तहसील के तीन ब्लाकों में लगभग चार किलोमीटर की परिधि में फैले मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए अधिकारियों ने कमर कस ली है। दुर्वासा धाम मेले के सुरक्षा प्रभारी फूलपुर कोतवाल रामायण सिंह ने बताया कि मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पांच थानाध्यक्ष, 20 एसआई, 20 हेड कोस्टेबल, 60 कांस्टेबल, दो सेक्सन पीएसी, फायर सर्विस, बम निरोधक दस्ता सुरक्षा व्यवस्था की तीन नवंबर को कमान संभालेगी। वहीं, लेखपाल रुद्रप्रताप सिंह और दुर्वासा के प्रधान रामकवल तिवारी ने बताया की मेले में प्रकाश, सफाई का काम तेजी से किया जा रहा है। पेयजल और चिकित्सा व्यवस्था भी मेला क्षेत्र में उपलब्ध होगी।