लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर बहने वाली घाघरा एक बार फिर लाल निशान छूने को बेताब है। रविवार को नदी के जलस्तर में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ कटान में आई तेजी ने ग्रामीणों की बेचैनी को बढ़ा दिया है। नदी 24 घंटे में बदरहुंआ गेज पर 17 सेमी और डिघिया गेज पर 20 सेमी बढ़ी।
लगभग दो सप्ताह तक देवारावासियों को दहलाने के बाद खतरा बिंदू से नीचे पहुंचा घाघरा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से इसे पार कर रहा है। नदी रविवार से डिघिया गेज पर खतरा बिंदू से 30 सेमी ऊपर बह रही है। जबकि बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू से आठ सेमी नीचे हैं। रविवार की शाम को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.43 मीटर और डिघिया गेज पर 70.50 मीटर दर्ज किया गया था। जो सोमवार की शाम को बढ़कर बदरहुंआ गेज पर 71.60 मीटर और डिघिया गेज पर 70.70 मीटर दर्ज किया गया। नदी बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से आठ सेमी नीचे और डिघिया गेज पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 30 सेमी ऊपर बह रही है। बाढ़ खंड के अधिकारियों की मानें तो शारदा बैराज से 23445, गिरिजा बैराज से 76440 और बनबसा बैराज से 44170 क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज हो रहा है। जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोत्तरी को देखकर ग्रामीणों की धड़कन तेज हो गई है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी की कटान में तेजी आई है। देवारा खास राजा गांव के मुराली के पुरवा के 14 आशियाने और 250 हेक्टेयर जमीन घाघरा में समा चुकी है। पुरवे के रामचंद्र, राम अवध, राम अधार, तीरथ, अयोध्या, परसन, पूजन, लालधर, देवकी, लालबचन, राधेश्याम, रामबृक्ष आदि अपना सामान समेट कर 500 मीटर दूर अपना आशियाना बना चुके हैं। वहीं देवारा खास राजा गांव के बगहवा के उत्तर त्रिपुरारी के पुरवा के पास कटान तेज हो गई है। लगभग 50 बीघा जमीन रविवार को नदी काट चुकी है। त्रिपुरारी के पुरवा पर कटान का खतरा मड़रा रहा है। गांव के लालचंद, त्रिलोकी, श्रीकांत, संजय, सरवन, महेंद्र, राजेंद्र, बीरबल, श्यामधारी, भोंभल, मुंशी, फूलबदन, नेवास, रामरक्षा, सजगू, प्रकाश, भालचंद, रामाश्रय और पिंटू का घर घाघरा की कटाने के निशाने पर है। जलस्तर बढ़ने के साथ कई गांवों के संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ आया है। जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।