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गई थी पोते की आस में गंवा बैठी बेटा

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फरिहां। निजामाबाद थाना क्षेत्र के कोटिया गांव निवासी राजेश यादव की शादी के तीन वर्ष बाद भी कोई बच्चा नहीं हुआ। इस पर राजेश अपनी पत्नी चांदनी और मां सीता देवी के साथ वाराणसी में स्थित लोलार्क कुंड में स्नान करने गए थे। वहां कुंड में डूबने से राजेश की मौत हो गई। गांव वालों में यह चर्चा रही कि सीता देवी गई थी पोते की आस में और गंवा बैठी बैटा। परिवार के लोग राजेश का अंतिम संस्कार करने के लिए मुंबई में रह रहे उसके पिता और छोटे भाई का इंतजार कर रहे हैं।
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कोटिया गांव निवासी बसावन यादव दो बच्चों के पिता थे। उनका बड़ा बेटा राजेश यादव (24) था। बसावन अपने दोनों बच्चों के साथ मुंबई रहते थे। राजेश मुंबई में आटोरिक्शा चलाता था। राजेश की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व हुई थी लेकिन संतान नहीं थी। उधर राजेश की मां सीता देवी को पोता चाहिए था। इसलिए वह वाराणसी के प्रसिद्ध लोलार्क कुंड में स्नान करने के लिए राजेश को मुंबई से घर बुलाया। शुक्रवार को राजेश मुंबई से घर पहुंचा। शनिवार को राजेश उसकी मां सीता देवी और पत्नी चांदनी तीनों वाराणसी के लोलार्क कुंड में नहाने के लिए चल दिया। लोलार्क कुंड में नहाते समय राजेश का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। राजेश को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां रविवार की भोर में उसकी मौत हो गई। राजेश के मौत हो जाने पर पत्नी चांदनी और मां सीता देवी लाश लेकर घर पहुंची। परिवार में बूढ़े दादा मुखराज यादव सहित अन्य का रो-रोकर हाल बेहाल है। दरवाजे पर गांव वालों की भीड़ जुटी थी। लोगों में बस इसी बात की चर्चा रही कि सीता गई थी पोते की आस में और बेटा गंवा बैठी ।
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