अंबारी। फूलपुर तहसील के मकसुदिया में शुक्रवार को सस्ती गल्ले की दूकान के चयन को लेकर खुली बैठक आयोजित थी। इस बीच एक पक्ष ने चयन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए लखनऊ-बलिया मार्ग को जाम कर दिया। इस दौरान महिलाओं और पुरुषों ने जमकर नारेबाजी की। उधर जाम के कारण दो घंटे तक मार्ग आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। वहीं पुलिस असहाय दिखी।
बता दें कि पवई ब्लॉक के मकसुदिया सरकारी सस्ते गल्ले की दूकान के लिए शनिवार की सुबह 11 बजे प्राथमिक विद्यालय मकसुदिया पर खुली बैठक बुलाई गई थी। लेकिन एडीओ पंचायत बृज मोहन और प्रधान साधना यादव दूसरे पूर्व माध्यमिक विद्यालय मकसुदिया पर बैठी थी। उधर काफी देर तक प्राथमिक विद्यालय मकसुदिया पर बैठे लोग दूसरे पक्ष की राधिका चौहान के नेतृत्व में लखनऊ-बलिया मार्ग पर पहुंच जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अंबारी चौकी प्रभारी राजेश और एसएसआई टीएन पांडेय के समझाने-बुझाने पर लोगों ने साढ़े ग्यारह बजे जाम समाप्त कर दिया। लेकिन लगभग 12 बजे तक एसडीएम और बीडीओ के मौके पर न पहुंचने पर नाराज दूसरे पक्ष के लोगों ने पुन: जाम लगा दिया। डेढ़ बजे के करीब एसडीएम फूलपुर मिश्री लाल, सीओ संतोष सिंह और बीडीओ लाल जी पटेल मौके पर पहुंचे और जाम समाप्त कराया। उधर जाम समाप्त होने पर प्राथमिक विद्यालय मकसुदिया में एसडीएम के नेतृत्व में बैठक बुलाई गई। एसडीएम और बीडीओ ने प्रधान प्रतिनिधि रामदवर यादव से प्रधान को लेकर बैठक में आने को कहा। लेकिन कोई नहीं आया। जिससे कोटे के चयन की कार्यवाही निरस्त कर दी गई। ग्रामीणों का कहना था कि दोनों पक्षों की जिद के कारण तीसरी बार कोटे के चयन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई है। जिससे हम लोगों का परेशानी हो रही है।