आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों में तैनात 24 शिक्षकों को बीएसए ने मंगलवार को बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई से परिषदीय शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। बर्खास्त किये जाने वाले सभी शिक्षक काफी दिनों से ड्यूटी से लापता थे और नोटिस का जवाब भी नहीं दे रहे थे।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों पर तैनात 43 शिक्षक काफी दिनों से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रहे थे। इन शिक्षकों से ड्यूटी पर न होने से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा था। इनकी शिकायत बेसिक शिक्षा अधिकारी से की गई थी। बीएसए ने संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस शिक्षकों के स्थायी पतों पर भेजा गया। यही नहीं 11 मार्च 2019 को समाचार पत्रों में भी नोटिस प्रकाशित कराया गया और 23 मार्च तक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया। विभाग के बार-बार नोटिस के बाद भी गायब चल रहे 43 शिक्षकों में से मात्र 19 ने अपना स्पष्टीकरण दिया। शेष 24 शिक्षकों को पक्ष रखने के लिए दो और मौके दिये गये। इसके बाद भी उक्त शिक्षक अनुपस्थित ही रहे। मंगलवार को बीएसए ने इन शिक्षकों की अनुपस्थित अवधि से सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। सेवा समाप्त किये गये शिक्षकों में सठियांव ब्लाक की श्वेता सिंह, अहरौला की पुष्पा यादव, बिलरियागंज की माधुरी कुमार, निशा यादव, अजमतगढ़ की सीमा यादव, सुनीता देवी, मिर्जापुर की पुरंदर यादव, तरवां की श्वेता यादव, पल्हना के राजेंद्र यादव, पवई के राकेश, अतरौलिया के दिवाकर, ज्ञान प्रकाश राय, मंगला बर्नवाल, किरण पांडेय, गरिमा पांडेय, शशिभूषण चतुर्वेदी, संतोष कुमार, सीमा देवी, महराजगंज की नेहा गुप्ता, मार्टीनगंज की शालिनी सिंह, रामकुमार सिंह, चंद्रजीत यादव, धर्मेंद्र कुमार यादव व फूलपुर के अजय कुमार शामिल है। बीएसए देवेंद्र कुुमार पांडेय ने बताया कि शिक्षक कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर आगे भी ऐसी कार्रवाई होती रहेगी। उन्होंने सभी शिक्षकों को निर्देशित किया कि समय से विद्यालय पहुंच कर अपने जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।