फरिहां। रानी की सराय ब्लाक के हेपेटाइटिस बी प्रभावित सुराही गांव में साफ-सफाई को लेकर ब्लाक प्रशासन सक्रिय हो गया है। गांव में बने कई शौचालयों में सेप्टिक टैंक न होने और सीधे शौच नाली में बहाए जाने पर ब्लाक प्रशासन ने संबंधितों पर कार्रवाई की तैयारी में है।
सुराही गांव में हेपेटाइटिस बी फैलने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा चुकी है। हालांकि हेपेटाइटिस बी गंदगी व दूषित पानी से नहीं होता है। लेकिन गांव में साफ-सफाई की जो स्थिति है उससे अन्य प्रकार के संक्रामक रोग फैल सकते है। केंद्र सरकार की योजना के तहत गांव में ही दर्जनों की संख्या में लोगों के घरों में शौचालय का निर्माण कराया गया है। इसमें से ज्यादातर शौचालयों में सेप्टिक टैंक नहीं बनवाया गए हैं और शौच सीधे नाले में बहते हुए गांव स्थित पोखरे को प्रदूषित कर रहा है। ब्लाक प्रशासन द्वारा ऐसे लोगों को चिन्हित करने की कवायद में भी जुट गया है जो बिना सेप्टिक टैंक के शौचालय का प्रयोग कर रहे है। गांव निवासी सुफियान अहमद का कहना है कि गांव के कुछ लोग शौचालय के नाम पर मिले पैसे से सिर्फ बैठने की जगह बना लिए है और शौच सीधे नाली में बहा रहे है। डॉ. इरफान ने कहा कि गंदगी के चलते अन्य प्रकार के संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतर उत्पन्न हो गया है।
बिना सेप्टिक टैंक के शौचालय का प्रयोग कर रहे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी को इस बाबत निर्देश जारी कर दिए गए है कि जिन लोगों ने भी सेप्टिक टैंक नहीं बनवाए हैं, उन्हें जल्द बनवाने को कहे। ऐसा न करने वालों को चिन्हित कर सूची उपलब्ध कराएं ताकि इन लोगों पर कार्रवाई करते हुए शौचालय के धनराशि की वसूली करायी जाए।
आरडी राम, बीडीओ, रानी की सराय।