आजमगढ़। स्कूलों के ऊपर से गुजरे हाईटेंशन तार बच्चों के लिए जान का खतरा साबित हो रहे हैं। बावजूद इसके इन्हें हटवाये जाने की कवायद न तो शिक्षा विभाग कर रहा है और ना ही बिजली विभाग ने अब तक कोई सार्थक पहल की। कई परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों और कालेज के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं। जिसकी वजह से कई विद्यालयों में हादसे हो चुके हैं और बच्चों की जान भी जा चुकी है।
स्कूल भवनों के ऊपर से गुजरे बिजली के तार हमेशा से ही बच्चों व शिक्षकों के लिए खतरे की घंटी रहे हैं। जिले में संचालित सैकड़ों की संख्या में परिषदीय, माध्यमिक व पीजी कालेज के ऊपर से बिजली विभाग के हाईटेंशन तार गुजरे हैं। इन्हें हटाने की कवायद न तो बिजली विभाग कर रहा है और ना ही शिक्षा विभाग अपनी मजबूत पैरवी कर पा रहा है। हालांकि शिक्षा विभाग का दावा है कि विद्यालयों से तार हटाने के लिए बिजली विभाग को कई पत्र लिखे जा चुके हैं लेकिन बिजली विभाग इस ओर ध्यान ही नहीं देता। वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तार शिफ्टिंग में होने वाले खर्च का भुगतान शिक्षा विभाग करता नहीं, जिसके चलते यह संभव नहीं हो पाता है।
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एक छात्र व प्रधानाध्यापक की हो चुकी है मौत
जहानागंज/अहरौला/लालघाट। प्राथमिक विद्यालय गोधौरा के ऊपर से 33 हजार वोल्ट तार गुजरा है। दो साल पहले पेड़ में उतरे करंट की चपेट में आकर 12 वर्षीय फिरोज पुत्र हसनैन की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी यहां से तार नहीं हटाया गया। वहीं 2007 में अहरौला के प्राथमिक विद्यालय गनवारा के प्रधानाध्यापक अवधेश पांडेय की भी करंट के चपेट में आकर मौत हो गई थी।
यहां यहां से गुजरे हैं एचटी तार
पूर्व माध्यमिक विद्यालय जहानागंज के ऊपर से 33 हजार वोल्ट का तार गुजरा है। वहीं प्रावि टड़वा के ऊपर से गुजरा तार छत से टच कर रहा है। बरसात में भवन के दीवारों में करंट उतरने लगता है। इसी तरह अजमतगढ़ के प्रावि मेघपुर महुला के भवन के ऊपर से भी 11 हजार वोल्ट का तार गुजरा है। अक्सर ही तार टूट कर गिरता है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। प्रधानाध्यापिका अनीता यादव ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों के साथ ही बिजली विभाग को तार हटाने के लिए कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रावि बिहरा बुजुर्ग में बने शौचालय के ऊपर से तार गुजरा है।
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विद्यालयों के ऊपर से गुजरे बिजली विभाग के तारों को हटवाने के लिए लगातार बिजली विभाग को पत्र लिखा जाता है। कई विद्यालयों के ऊपर से तार हटवाए भी गए है। शेष विद्यालयों पर से तार हटवाने की कवायद चल रही है।
अनिल सिंह, जेई, बेसिक शिक्षा विभाग।
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स्कूल भवनों पर से गुजरने वाले तारों को हटाने के लिए सिर्फ पत्र लिखने से कुछ नहीं होता। शिफ्टिंग के लिए जगह होने पर विभाग एस्टीमेट बना कर देता है और उसका भुगतान करने पर ही तार शिफ्ट किए जा सकते हैं। जब तक एस्टीमेंट के अनुरूप धनराशि जमा नहीं होती तब तक तार को हटाना संभव नहीं है।
अरविंद सिंह, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड प्रथम।