आजमगढ़। आल ट्रेड यूनियन के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी बैंक, डाक, एलआईसी, बीएसएनएल कर्मी हड़ताल पर रहे। बैंकों के हड़ताल से जहां ग्राहकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी तो वहीं दो दिवसीय हड़ताल के चलते बैंकों का लगभग दो अरब का कारोबार व 40 से 50 करोड़ का क्लीयरेंस प्रभावित हुआ। हड़ताल के दूसरे दिन बैंक, एलआईसी, डाक व बीएसएन कर्मियों ने शहर में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। आंदोलन का दूसरा दिन काफी हंगामेदार रहा। बैंक कर्मियों ने अपने-अपने कार्यालयों के सामने धरना प्रदर्शन किया। बैंक कर्मियों के हड़ताल से विभिन्न बैंकों के साढ़े तीस सौ शाखाओं पर तालाबंदी रही। बैंकों की हड़ताल के चलते उपभोक्ताओं को काफी परेशानी उठानी पड़ी। भारतीय जीवन बीमा निगम के शाखा कार्यालय पर आयोजित धरने के दौरान जेआर सोनकर ने कहा कि सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के चलते ही आज यह स्थिति उत्पन्न हुई है। नियमित नियुक्ति के बजाए ठेकेदारी व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को तैनात किया जा रहा है। धरने को डॉ. रविंद्र राय, तेज बहादुर आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राम सिंह, आरके दुबे, धर्मेंद्र कुमार, संतोष, शिव प्रसाद, पारस नाथ, सुनील कुमार, शेषनाथ आदि मौजूद रहे। डाक विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे। मुख्य डाक घर परिसर में धरना देकर डाककर्मियों ने विरोध दर्ज कराया। डाक कर्मियों के हड़ताल में विभाग के पेमेंट बैंक के कर्मचारी भी शामिल रहे। डाक कर्मचारियों मुख्य डाकघर से जुलूस निकाल कर प्रदर्शन भी किया। जिसमें आरपी यादव, राधेश्याम, मनीष कुमार, त्रिभुवन यादव, कपिलदेव यादव आदि शामिल रहे।
यूबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन
आजमगढ़। यूनियन बैंक के सिविल लाइंस स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर बैंक कर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया। इस धरने में यूबीआई, एसबीआई, पीनएनबी समेत अन्य बैंकों के कर्मचारी शामिल रहे। धरने को संबोधित करते हुए मो. आरिफ ने कहा कि आज स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि हमारे साथ के ही लोग सरकार से मिल गए है और हमारी इस हड़ताल को सफल बनाने के बजाए प्रबंधन से मिल कर बैंकों व अन्य विभागों में गुपचुप तरीकों से काम कर रहे है। इसका जीता जागता नमूना जिले में स्टेट बैंक व यूनियन बैंक के उच्च प्रबंधन के लोग हैं। विष्णु गुप्ता ने कहा कि उच्च प्रबंधन के लोग अपना उल्लू सीधा करते हुए निरीह कर्मचारियों की वाजिब मांगों को नजरअंदाज करके अपने पदोन्नति व अन्य फायदों के लिए मनमानी कर रहे है। इस अवसर पर यूबीआई के सत्यनरायण, राजेश, राजकुमार, धीरज, सौरभ, सदरे आलम, जितेंद्र, पीएनबी के शमशाद अहमद, इलाहाबाद बैंक के नियाज, बीओबी के सरफराज, जनार्दन आदि मौजूद रह।
ग्रामीण बैंक कर्मियों ने जुलूस निकाल कर किया प्रदर्शन
आजमगढ़। युनाइटेड फोरम ऑफ आरआरबी यूनियंस के आह्वान पर काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक की सभी शाखाओं पर हड़ताल के दूसरे दिन भी ताला लटका रहा। यूपी ग्रामीण बैंक अधिकारी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन ने कहा कि सरकार की हटवादिता के कारण कर्मचारियों का अहित हो रहा है। महामंत्री शशिकांत श्रीवास्तव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लागू व्यवसायिक बैंकों के समान पेंशन का 31 मार्च 2018 तक के एरियल का भुगतान नहीं किया जा रहा है। 1 अप्रैल 2010 व उसके बाद के योगदान देने वाले कर्मियों को उक्त पेंशन योजना में शामिल नहीं किया गया है। मुख्य चौक स्थित कार्यालय पर धरना प्रदर्शन के बाद बैंक कर्मियों ने जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। जुलूस में प्रवीण सिंह, आईसी श्रीवास्तव, अखिलेश राय, जवाहर पाठक, इंद्रसेन, आरपी मौर्या, अनुज श्रीवास्तव, बदरे आलम, अनिल सिंह, सुभाष, शशि, एसएस सिंह, आशुतोष आदि मौजूद रहे।