बलरामपुर। ठंड व गलन के बढ़ने के साथ ही बीमार होने वालों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी है। अस्थमा व कोल्ड डायरिया के ज्यादा मरीज अस्पताल पहुंच रहे है। बीते एक सप्ताह से सर्द हवाओं के चलते गलन काफी बढ़ गई है। पारा सात डिग्री तक पहुंच जाने से लोग परेशान हो उठे है। मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव का असर लोगों के तबीयत पर देखने को मिल रहा है। ह्दय व अस्थमा के शिकार लोगों की परेशानी तो कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। वहीं सर्दी, जुखाम, बुखार के मरीज भी बहुतायत में अस्पताल पहुंच रहे है। मंडलीय अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार बीते एक सप्ताह में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को 1360 मरीज अस्पताल पहुंचे। जिसमें सर्वाधिक मरीज ठंड के चलते बीमार थे। इसके साथ ही अलाव तापने के दौरान झुलसने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। अस्पताल प्रशासन की माने तो एक सप्ताह में तीन दर्जन से अधिक लोग अलाव तापने के दौरान झुलस जाने से इलाज के लिए आए।
बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की सलाह
आजमगढ़। जिला अस्पताल पर तैनात फीजिशियन डॉ. मुकेश जायसवाल ने बताया कि ठंड के इस मौसम में बिना जरूरत घर से बाहर निकलना खतरनाक है। यदि बाहर जाना जरूरी ही है तो शरीर को पूरी तरह से गर्म पकड़े से ढंक कर निकले। सबसे अधिक ध्यान देने वाली बात यह है कि पेयजल के रुप में गर्म पानी का प्रयोग करें। ऐसा करने से बीमारी दूर रहेगी। ठंड के चलते वृद्घो व बच्चों को ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में इन्हें विशेष बचाव करना चाहिए। हदय रोगी व अस्थमा के मरीज ठंड के इस मौसम में टहलना बंद कर दे और धूप निकलने पर ही घर से बाहर निकले। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके विमल ने बताया कि ओपीडी में बीमार बच्चों के पहुंचने की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। परिवार के बड़ों की यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को गर्म कपड़ों में रखे और गर्म पानी का सेवन कराए। ठंडा व फ्रीज किया हुआ भोजन भी बच्चों को न दे।