स्वच्छ भारत मिशन में पिछड़े जनपद की प्रगति सुधारने के लिए पंचायती राज विभाग ने कमर कस ली है। इस दिनों रोजाना तीन ब्लाकों के एडीओ पंचायत और संबंधित सचिवों की बैठक लेकर अभियान की समीक्षा की जा रही है। समीक्षा के दौरान डीपीआरओ ने शौचालय निर्माण में हीलाहवाली और प्रगति कम मिलने पर मोहम्मदपुर ब्लाक में तैनात एक सेक्रेटरी के निलंबन और छह का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही सफाईकर्मियों के सहारे गांवों को ओडीएफ कराने की रणनीति अपनाई गई है।
केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल स्वच्छ भारत अभियान में जनपद की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। कुछ दिनों पहले तक जनपद सूबे में सबसे निचले स्थान पर था। मिशन में खराब स्थिति पर पूर्व डीपीआरओ जितेंद्रनाथ मिश्रा को मुख्यमंत्री स्वयं निलंबित कर चुके हैं। कार्रवाई के बाद प्रशासन की ओर से योजना में स्थिति सुधारने के लिए नई कवायद शुरू की गई है। प्रतिदिन तीन ब्लाकों के एडीओ पंचायत और संबंधी ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरी की बैठक लेकर अभियान की समीक्षा की जा रही है। धन मिलने के बाद भी शौचालय निर्माण की प्रगति सही न होने पर डीपीआरओ आनंद प्रकाश ने मोहम्मदपुर ब्लाक के सेक्रेटरी दयाराम को निलंबित करने की संस्तुति कर दी है। मामले में अगली कार्रवाई जिला विकास अधिकारी को करनी है। इसके साथ ही समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहने पर छह सचिवों का वेतन भी रोका गया है। सभी को धन जारी होने के बाद तय समय में शौचालय का निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की बात कही गई है। रविवार को रानी की सराय ब्लाक की समीक्षा की गई। इसके साथ ही ग्रामीण सफाईकर्मियों को गांवों को ओडीएफ कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गांव को किस तरीके से खुले में शौच मुक्त कराया जाए, इसकी युक्ति सिखाई जा रही है।
एसबीएम में मोहम्मदपुर ब्लाक के गांव की स्थिति सही न होने पर सचिव दयाराम के निलंबन की संस्तुति की गई है। छह का वेतन भी रोका गया है। लापरवाही मिलने पर आगे भी कार्रवाई होगी। सफाईकर्मियों को गांवों को ओडीएफ कराने की जिम्मेदारी दी गई है। - आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, डीपीआरओ