दुर्गा माता मंदिर के पास ध्यान योग जन जाग्रति सेवा संस्थान की और से दो दिवसीय आध्यात्मिक कार्यक्रम श्रीगुरु लक्ष्मी महोत्सव सत्संग साधना शिविर का आयोजन किया गया। प्रथम दिन स्वामी कमलेश्वरानंद का माला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद भजन कीर्तन का प्रारंभ हुआ। प्रवचन रात 10 बजे तक चला। स्वामी कमलेश्वरानंद ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य का लक्ष्य परमात्मा है। इसे पाने के लिए कठिन परिश्रम और ध्यान की आवश्यकता होती है। मनुष्य को चाहिए कि जीवन में प्रेम, पूजा, पवित्रता, सुख-शांति, समृद्धि के साथ जीवन व्यतीत करें। परमात्मा में विश्वास रखें। गुरु लक्ष्मी स्वरूप दीक्षा अति गोपनीय और दुर्लभ है। गुरु के बिना ज्ञान संभव नहीं है। सच्चे मन और निष्ठा से अपने धर्म पर विश्वास नहीं रखेंगे, एकता के सूत्र में नहीं बधेंगे। अपने हृदय में एकमात्र गुरु रूपी परमात्मा को स्थापित करो। गुरु के मार्गदर्शन में चलने से ब्रह्म ज्ञान हो जाता है। साध्वी नम्रता कमलिनी ने कहा कि गुरु के बिना धरती पर जीवन अधूरा है। इसने भी गुरु से प्रेम किया उसका जीवन धन्य हो गया। प्रमुख संयोजक विनोद जायसवाल के साथ अजय कुमार गुप्ता, प्रमोद जायसवाल, आनंद मद्धेशिया, धर्मेंद्र, संतराम गोंड़, गिरधारी प्रजापति, गुलाब प्रजापति, राणा प्रताप सिंह, शुभम, राजन, मंगेश, नौरंगी उपस्थित रहे।