सरायमीर। नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में हजरत अली का जन्म दिन शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया । इसके मौके पर मस्जिदों और इमामबाड़ों में महफिल और नजऱ नियाज का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। क्षेत्र के बेहलहरी इमाम अली गांव में जश्न मौलूदे काबा का आयोजन किया गया।
जश्न मौलूदे काबा का आगाज तिलावते कलाम पाक से हुआ। अध्यक्षीय तकरीर को खिताब करते हुए मौलाना सैयद आबिद रजा मोहम्मदाबादी ने कहा कि हजरत अली का जन्म 17 मार्च 600 ई. को पवित्र स्थल काबा में हुआ। खलीफ़ा बनने के बाद भी आपने हमेशा सादगी भरी जिंदगी को अपनाया और गरीबों यतीमों को रात के अंधेरे में मदद किया करते थे। आपने कभी सरकारी पैसों का इश्तेमाल नहीं किया। बल्कि अपनी मेहनत की कमाई पर गुजारा करते रहे। गुलामों के साथ आपने ऐसा बरताव किया कि उन्होंने गुलामी को आजादी बताया। जफ़ऱ नसीरबादी, मशहूर जलालपुरी, दिलावर अमेठी, नासिर आजमी, सलीम बनारसी, सादिक जलालपुरी, शम्स तबरेज झारखंड, अजीज आजमी, आरजू जलालपुरी ने अपने काव्य पाठ से खूब वाहवाही लूटी। जश्न का संचालन नजीब इलाहाबादी ने किया। आयोजक सैय्यद अली हैदर जैदी ने सभी का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर शिया कमेटी के अध्यक्ष कायम रजा, मीडिया प्रभारी मोहम्मद हुसैन, रजा अब्बास, असकरी अब्बास आदि उपस्थित थे।