मुबारकपुर। विश्व में दीनी तालीम के लिए प्रथम स्थान पर गिनी जाने वाली शिक्षण संस्था अलजामेअतुल अशरफिया अरबी यूनिवर्सिटी मुबारकपुर के संस्थापक एवं विश्वप्रसिद्ध सूफी हजऱत मौलाना अल्लामा शाह हाफिज़ अब्दुल अजीज मुहद्दिस मुरादाबादी हाफिज़ ए मिल्लत के 43 वाँ दो दिवसीय उर्स पाक 17 और 18 फरवरी शनिवार, रविवार को मनाया गया। उर्स के पहले दिन का कार्यक्रम मुहल्ला पुरानी बस्ती स्थित हाफिज़- ए- मिल्लत के आवास पर बाद नमाजे फजर क़ुरआनख्वानी से आरम्भ किया गया। बाद नमाज जोहर संस्था के सरबराह आला मौलाना अब्दुल हफीज साहब के नेतृत्व में इनके आवास से अक़ीदत के साथ दर्जनों चादरों का भव्य संयुक्त जुलुस निकाला गया। जिसमे अंजुमनों ने नातखानी और मनकबत खानी कर मंजूम खिराजे अक़ीदत पेश किया।
चादरों का जुलूस अंजुमनों के साथ अपने परंपरागत रास्तों से गुजरता हुआ अल्जामियतुल अशरफिया के प्रांगण में स्थित हजऱत के मजार पर पहुंचकर अक़ीदत और एहतेराम के साथ चादर पोशी की गयी। सरबराह आला के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने फ़ातेहा पढ़ा और देश की खुशहाली के साथ ही संस्था की तरक्क़ी सहित लोगों के कारोबार की तरक़्क़ी के लिए दुआएं मांगी। उर्स में देश भर से आये हजारों जायरीन ने भी मजार पाक पर फातेहा पढ़ा और बाबा के वसीले से अपनी मुरादें मांगी। उर्स में लाखों की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है और थाना अध्यक्ष अनूप शुक्ला क़स्बा चौकी प्रभारी कौशल कुमार पाठक लगातार चक्रमण करते रहे। बतादें कि उर्स के अवसर पर पूरा क्षेत्र मिल्लत मय हो गया। चारों ओर हाफिज़- ए- मिल्लत की सदाओं से पूरा क्षेत्र गूँजता रहा। ज्ञात हो कि इस उर्स की विशेषता ये है उर्स में महिलाओं के प्रवेश पर पूर्ण रूप वर्जित है और आस-पास के क्षेत्रों के लोगों की भारी भीड़ रहती है। जिसको देखते हुए जहाँ अशरफिया प्रबन्धक समिति उर्स को सफल बनाने में जीजान से जुटे हुए हैं वही सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन द्वारा पुलिस कैंप स्थापित किया गया है। संस्था को रंग रोगन झालरों से पूरी तरह से सजाया गया है। सठियांव मार्ग पर स्थित उर्स स्थल को दो किलो मीटर पहले ही पुलिस द्वारा बैरियर लगा दिया गया है ताकि जायरीन को आने जाने की सुविधा मिल सके ।