आजमगढ़। ग्राम पंचायतों हुए विकास कार्यों और अन्य शिकायतों की जांच के नियुक्त अधिकारियों द्वारा अपनी जांच आख्या उपलब्ध न कराने को लेकर जिलाधिकारी काफी गंभीर हो गए हैं। जनपद के विभिन्न ग्राम पंचायतों की जांच करने वाले 26 अधिकारियों के वेतन को उन्होंने दिसंबर से अवरूद्घ कर दिया है।
ग्राम पंचायतों से प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए जिला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी उन अधिकारियों ने अब तक अपनी जांच आख्या उपलब्ध नहीं कराई है। जिसके कारण मुख्यमंत्री के निर्देश जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण में समस्या आ रही है। जिलाधिकारी ने जिन अधिकारियों का वेतन रोका है उनमें अधिशासी अभियंता द्वितीय निर्माण खंड उप्र जलनिगम, सहायक आयुक्त/ सहायक निबंधक सहकारिता, जिला अर्थ संख्याधिकारी, आरडी राम जिला अर्थसंख्याधिकारी, सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, जिला उद्यान अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, उपनिदेशक कृषि, जिले प्रोबेशिन अधिकारी, सहायक अभियंता एनबी सिंह जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, जिला पंचायत राज अधिकारी, सेवायोजन अधिकारी, प्राविधिक परीक्षक टीएसी आजमगढ़ मंडल, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, परियोजना निदेशक, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य, प्रबंधक दुग्ध संघ, सहायक अभियंता जल निगम, जिला कृषि अधिकारी और उपायुक्त उद्योग शामिल हैं। इन 26 अधिकारियों के जिम्मे जिले के 49 गांवों की जांच की जानी है। इनके द्वारा जांच कर रिपोर्ट न देने से शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। जिसे देखते हुए जिलाधिकारी इन सभी अधिकारियों के वेतन रोकने का आदेश दिया है।