लाटघाट। घाघरा का जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। कटान पीड़ितों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे रात भर जागकर घर की रखवाली करते हैं। कहीं सोते समय घर सहित वह भी घाघरा में न विलीन हो जाए।
सगड़ी तहसील के देवारांचल से होकर बहने वाली घाघरा का जलस्तर काफी नीचे पहुंच गया है। लेकिन कटान में तेजी आ गई है। नदी प्रतिदिन कृषि योग्य भूमि लगभग आठ से दस बीघा जमीन काट रही है। कटान से ग्रामीणों में दहशत है। हरैया ब्लॉक के देवारा खास राजा, त्रिलोकी का पुरवा, अचल नगर, गलसदिया सहित अचल नगर के देवारा गरीब दुबे, देवारा रामशरण, देवारा भीक्षुकदास, देवारा अचल सिंह में कटान जारी है। रोजाना किसानों का कृषि योग्य भूमि घाघरा में विलीन हो जा रही है। हालांकि घाघरा नदी का जलस्तर काफी नीचे है। जलस्तर कम होने पर ग्रामीणों को बाढ़ से राहत मिली हो। लेकिन अब कटान ने बेचैन कर रखा है। देवारा खास राजा गांव के त्रिलोकी के पुरवा में भी कटान तेज हो गई है। गांव के महेंद्र, बीरबल, राजबली, लाल बहादुर, राम लखन के आशियाने घाघरा के निशाने पर है।