फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जूते-चप्पल पर तो नहीं लेकिन सोने के गहनों पर जीएसटी लागू

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। एक जुलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू हो गया लेकिन अभी तक बहुत से ऐसे व्यापारी हैं जिन्हें जीएसटी के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। उनका कहना है कि अभी सेल्स टैक्स विभाग के अधिकारी भी इस बारेे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
विज्ञापन

जनपद में जीएसटी लागू होने की बाद की स्थिति ऐसी है कि अभी बहुत से सामान ऐसे हैं जो बिना जीएसटी के पुराने रेट पर ही लोगों को मिल रहे हैं। जबकि सोने के गहनों पर एक जुलाई से ही जीएसटी लगा हुआ बिल ग्राहकों को मिल रहा है। जबकि अगर जूते-चप्पल की बात करें तो अभी दूकानदार ग्राहकों को बिना जीएसटी के ही बेच रहे हैं। उनका कहना है कि अभी हमारे पास पुराना माल स्टॉक में हैं। जिसका टैक्स हम भर चुके हैं। अब नया स्टाक आएगा तो हम उसे नए रेट पर बेचेंगे। वैसे अभी जीएसटी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। क्योंकि सेल्सटैक्स विभाग के अधिवक्ता और अधिकारी भी अधिक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। अभी ग्राहकों को बिना जीएसटी लगा बिल दिया जा रहा है।


गुलजार शू सेंटर के प्रोपराइटर मोहम्मद खालिद ने बताया कि जीएसटी का नियम क्या है अभी इसकी जानकारी नहीं है। हमारे पास सारा माल जीएसटी लागू होने से पूर्व का है जब नया माल आएगा तब देखेंगे।
विज्ञापन



स्वर्ण आभूषणों के विक्रेता बबलू सेठ ने बताया कि जीएसटी लागू होने से सोने के गहनों के दामों में एक प्रतिशत की वृद्घि हुई है। क्योंकि पहले से ही हम वैट आदि के रूप में दो प्रतिशत टैक्स लेते थे। अब ग्राहकों को जीएसटी लगा हुआ बिल दिया जा रहा है।


सौरभ राय ने बताया कि उन्होंने आज ही एक दूकान से ब्रांडेड कंपनी का जूता खरीदा। दूकानदार द्वारा उनसे 2499 रुपये लिए गए। जो बिल दिया गया उस पर जीएसटी नहीं जोड़ा गया था। जिसे देखकर प्रतीत हुआ कि अभी पुराने रेट पर ही उन्हें जूता मिला है।

योगिता अग्रवाल ने बताया कि वह सोमवार को चेन खरीदने के लिए गई थी। उन्होंने 22 हजार रुपये की चेन खरीदी। सोनार द्वारा उन्हें जो बिल उपलब्ध कराया गया उस पर तीन प्रतिशत जीएसटी जोड़ा गया था। इसके पहले जब उन्होंने खरीदारी की थी तब बिल में वैट जोड़ा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें