आजमगढ़। शहर से लेकर गांव तक कई जगहों पर आज भी जर्जर तार व पोल के भरोसे ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। रिवैंप्ड योजना के तहत जर्जर तार व पोल बदलने सहित अन्य कार्य कराए जाने हैं। एक माह और बचा है लेकिन 11 प्रतिशत काम अभी नहीं हो पाया है। अब विभाग इसे मार्च 2025 तक पूरा करने की बात कह रहा है।
आजमगढ़ मंडल में विभिन्न भार के 14.32 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें से 6.90 लाख उपभोक्ता सिर्फ आजमगढ़ जनपद में हें। इन उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने के लिए जो पोल व तार ल्रगे हैं, वे जर्जर हो चुके हैं। विद्युत आपूर्ति के दौरान उपभोक्ताओं को फाॅल्ट की समस्या का सामना करना पड़ता है। रिवैंप्ड योजना के तहत जर्जर पोल, तारों को बदला जाना है। इसके अलावा एलटी, एचटी व 33 केवी लाइन पर भी कार्य किया जाना है। 420 फीडरों पर कंडक्टर लगने थे। शासन की तरफ से 503 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व इस पर काम शुरू हुआ था। काम को दिसंबर तक पूरा किया जाना था। अभी तक योजना का 89 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। अभी 11 प्रतिशत काम बाकी है। इसके चलते शहर से लेकर गांव तक कई स्थानों पर जर्जर तार और पोल से ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। शहर के अलावा, फूलपुर, लालगंज, कप्तानगंज, मुबारकपुर, सगड़ी आदि क्षेत्रों में जर्जर तारों के बीच बांस की फट्टी बांधकर विभाग बिजली आपूर्ति कर रहा है। जिम्मेदार अब योजना का काम आगामी मार्च तक पूरा करने की बात कह रहे हैं।
कैपिसीटर बैंक लगाने का काम शुरू नहीं हुआ
बिजली आपूर्ति के दौरान उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या न आए, इसके लिए योजना के तहत मंडल के तीनों जनपदों में 3692 ट्रांसफाॅर्मरों पर कैपिसीटर बैंक लगाया जाना है। डेढ़ वर्ष से अधिक बीत गए लेकिन कार्यदायी संंस्था ने ट्रांसफॉर्मरों पर कैपिसीटर बैंक लगाने का काम शुरू नहीं किया है।
खेतों मेंं धान की फसल के कारण बीच में काम धीमा हो गया था। अब खेत खाली हो चुके हैं। कार्य तेजी से चल रहा है। इस समय 33 केवी लाइन पर काम हो रहा है। 11 प्रतिशत काम और बाकी है। इन्हें मार्च तक पूरा करा लिया जाएगा। ट्रांसफाॅर्मरों पर कैपिसीटर बैंक लगाने का काम शुरू नहीं हुआ है।
- राजेश तिवारी, अधिशासी अभियंता।