जिला अस्पताल के पास शव वाहन को सेनिटाइज करते कर्मचारी।
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आजमगढ़। जिले में एक दो नहीं बल्कि कुल 11 एंबुलेंसकर्मी कोरोना संदिग्ध हैं। वहीं एक पहले ही पॉजिटिव हो चुका है। नए संदिग्ध मिले एंबुलेंस कर्मियों को आजमगढ़ पब्लिक स्कूल पर बने क्वारंटीन सेंटर पर रखा गया है। वहीं एंबुलेंस कर्मियों का आरोप है कि उन्हें न तो समय से भोजन पानी ही मिल रहा है न ही अन्य किसी प्रकार की सुविधा ही दी जा रही है।
जिले में एक एंबुलेंस कर्मी कोरोना पॉजिटिव हो चुका है। इसके संपर्क में आए 11 अन्य कर्मियों को भी स्वास्थ्य विभाग ने क्वारंटीन कर दिया है। सभी को आजमगढ़ पब्लिक स्कूल रानी की सराय में रखा गया है। जहां पहले से ही 40 से अधिक प्रवासी क्वारंटीन है। क्वारंटीन किए गए एंबुलेंस कर्मियों में एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा भी शामिल है। इनका आरोप है कि जब से हम क्वारंटीन किए गए है तब से सिर्फ आलू व सोयाबीन की सब्जी ही खाने में दी जा रही है। खाना व नाश्ता समय से नहीं मिलता है। कोरोना संक्रमण काल में अपने जान की बाजी लगा कर पीड़ित मानवता की सेवा कर रहे है लेकिन हमें सुविधाएं नहीं मिल रही है। इनका यह भी आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग हमसे काम तो लेता है लेकिन हमें अपना कर्मचारी नहीं मानता है। यहीं कारण है कि स्वास्थ्य विभाग के लोगों को क्वारंटीन करने के लिए होटलों में व्यवस्था की गई है और हमें ऐसे स्थान पर क्वारंटीन कर दिया गया है जहां पहले से ही प्रवासी श्रमिक क्वारंटीन है। हमें होटल नहीं लेकिन अलग किसी स्थान पर क्वारंटीन किया जाना चाहिए था। जिलाध्यक्ष का यह भी आरोप है कि मानदेय में कटौती की जा रही है। हम 24 घंटे काम कर रहे है। कोरोना मरीजों से सबसे पहली मुलाकात हमारी ही होती है। इसके बाद भी सुविधाओं के नाम पर हमें कुछ नहीं मिल रहा है।
प्रभावित हुई जिला अस्पताल की एंबुलेंस सेवा
क्वारंटीन किए गए एंबुलेंस कर्मियों के चलते जिला अस्पताल पर तैनात चार एंबुलेंस खड़ी हो गई है। जिसके चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कर्मचारियों के क्वारंटीन होने के चलते इन चारों एंबुलेंस को जिला अस्पताल परिसर में ही खड़ा करना पड़ गया है। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारी की डिमांड स्वास्थ्य विभाग ने सेवा प्रदाता कंपनी से की है।
कुल 11 एंबुलेंस कर्मी क्वारंटीन किए गए है। चार एंबुलेंस वर्तमान में खड़ी है। जिसके लिए सेवा प्रदाता कंपनी एक-दो दिन में दूसरे कर्मचारी मुहैया करा रहे है। जहां तक क्वारंटीन किए एंबुलेंस कर्मियों की समस्याओं की बात है तो क्वारंटीन सेंटर पर उन्हें अलग रखा गया है। इसके साथ ही सीएमओ डॉ. एके मिश्रा स्वयं मौके पर जाकर वहां की व्यवस्थाओं को देखा है और जो भी समस्या है सभी का समाधान करा दिया है। खाने-पीने के दिक्कत की शिकायत थी, जिसे दुरूस्त करा दिया गया है।
डॉ. एके सिंह, नोडल अधिकारी/डिप्टी सीएमओ, 102-108 एंबुलेंस सेवा।