आजमगढ़। प्रदेश सरकार ने बाहर के प्रदेश में रह रहे छात्रों व मजदूरों को उनके घर वापस लाने की कवायद शुरू किया है। बुधवार को प्रयागराज से लगभग 1035 बच्चे वापस लाए गए। सभी की रोडवेज पर जांच करने के पश्चात घर भेज कर होम क्वारंटीन कर दिया गया है।
जिले से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करीब 1300 से अधिक छात्र प्रयागराज में रहते हैं। बुधवार को 35 बसों से 1035 छात्र वापस लौटे। सभी की रोडवेज पर जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी की थर्मल स्कैनिंग करने के साथ ही नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि नोट किया। बुखार व खांसी से पीड़ित होने के बाबत भी पूछताछ की गई। डीएम एनपी सिंह व एसपी त्रिवेणी सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर बच्चों का हाल लिया। इस दौरान कई छात्रों ने बताया कि लॉक डाउन के चलते वे प्रयागराज में अपने-अपने कमरों पर लॉक हो गए थे। पढ़ाई तो ठप हो गई थी और अब भोजन आदि की भी समस्या होने लगी थी। बच्चों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने प्राइवेट व कई स्कूलों के बसों का इंतजाम किया था। इसके साथ ही उन्हें 14 दिनों के लिए होम क्वारंटीन रहने को कहा गया। छात्रों को घर भेजने के लिए डीएम ने एडीएम वित्त-राजस्व, सीआरओ, एआरएम रोडवेज, एआरटीओ की ड्यूटी लगाई थी।
प्रदेश के चार जनपदों से आए 37 मजदूर
आजमगढ़। मंगलवार को भी प्रदेश के विभिन्न जनपदों से कुल 37 मजदूर पहुंचे जिन्हें रोडवेज पर स्क्रीनिंग करने केे बाद होम क्वारंटीन किया गया। इसमें झांसी से नौ, कानपुर से चार, सहारनपुर से आठ और ऊरई से 16 मजदूर हैं। इसकी जानकारी देते हुए एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी मजदूरों और छात्रों की रोडवेज परिसर में ही स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उन्हें उनके ही घरों में क्वारंटीन किया गया। उन्होंने बताया कि अभी और लोगों के बाहर से आने की संभावना है लेकिन उनकी सूचना नहीं है।
हरियाणा से आए मजदूरों को भेजा गया आश्रय स्थल
एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि हरियाणा से कुल 197 मजदूर आए थे। इन मजदूरों को आश्रय स्थलों में रखा गया है। यह आश्रय स्थल छह जगहों पर स्थापित है। इन सभी मजदूरों को भदुली, जैगहा, बूढ़नपुर, निजामाबाद, मेंहनगर और लालगंज में बनाए गए आश्रय स्थलों में रखा गया है। जहां यह लोग 14 दिन रहेंगे। इसके बाद इन्हें घर जाने की इजाजत दी जाएगी।
हैदराबाद से पैदल पहुंचे पांच मजदूर
रानी की सराय। हैदराबाद से पांच मजदूर बुधवार को पैदल चलकर रानी की सराय बाजार पहुंचे। पुलिस को मजदूरों ने बताया की सभी वहां फर्नीचर का काम करते थे। लाकडाउन की वजह से काम बंद हो गया। ऐसे में मजदूरों को खाने के लाले पड़ने लगे। ऐसे में सभी मजदूर 20 अप्रैल को हैदराबाद से पैदल ही घर के लिए चल दिए। मजदूरों ने बताया की रास्ते में पुलिसवाले भोजन कराकर ट्रांसपोर्ट की ट्रक आदि में बैठा देते थे। इस प्रकार बुधवार तक यहां तक की दूरी तय किए हैं। यह सभी मजदूर महराजगंज जिले के रहने वाले हैं। पैदल यात्रा करने वालों में महाराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के मुजुरी गांव निवासी विजय, नागेंद्र, सतीश, महबूब,अनूप का नाम शामिल है। बुधवार को रानी की सराय बाजार में पहुंचे इन मजदूरों को रानी की सराय थाने के सिपाही कमाल और पंकज यादव ने ट्रक पर बैठाकर रवाना कर दिया।