आजमगढ़। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2016 में लागू की गई। इसमें किसान को आंशिक प्रीमियम देने और शेष प्रीमियम सरकार के वहन करने की व्यवस्था है। लेकिन योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। पिछली दो फसलों के लिए जिले में लगभग 2300 किसानों का बीमा किया गया। जिसमें 3366 किसानों को मुआवजा दिया गया। हर साल प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। बाढ़, आंधी, ओले और तेज बारिश से उनकी फसल खराब हो जाती है। उन्हें ऐसे संकट से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 13 जनवरी 2016 को शुरू किया। इसके तहत किसानों को खरीफ की फसल के लिए दो फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिये 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। सरकार ने कपास की फसल के बीमा का प्रीमियम प्रति एकड़ 62 रुपये, धान की फसल के लिए 505.86 रुपये, बाजरा के लिए 222.58 रुपये और मक्का के लिए यह 202.34 रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया। जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए टाटा एआईजी कंपनी को नामित किया गया है। इस कंपनी द्वारा पिछले दो फसली सीजन में लगभग 23 हजार किसानों का बीमा किया गया। इसके लिए कंपनी ने किसानों से 19 करोड़ 26 लाख रुपये का प्रीमियम जुटाया। इसके साथ ही कंपनी ने 3336 किसानों में फसल खराब होने पर 78 लाख रुपये का मुआवजा बांटा। वर्तमान में कितने किसानों का बीमा है इसकी जानकारी कंपनी के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर के पास भी नहीं है। क्योंकि वर्तमान में 31 दिसंबर तक प्रीमियम काटने का कार्य चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
हरैया विकास खंड के बैदौली गांव निवासी किसान बृजेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री बीमा योजना के बारे में हमें जानकारी नहीं है। लगता है यह भी अन्य योजनाओं की तरह कागजों पर ही चल रहा है। किसान दिनेश कुमार पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री बीमा योजना का लाभ हमको नहीं मिला और न ही मिलेगा। इसके लिए प्रयास किया गया लेकिन लाभ लेने से ज्यादा खर्च दौड़ने में लग गया।
इस बीमा में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है लेकिन इसके टर्म और कंडीशन के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। वर्तमान में बीमित किसानों का प्रीमियम काटा जा रहा है। लेकिन यह सिर्फ उन्हीं किसानों का कटेगा जिनका आधार जुड़ा होगा। जिनका आधार नहीं जुड़ा होगा उनका प्रीमियम नहीं कटेगा।
सुनील श्रीवास्तव, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर एआईजी।