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सख्ती के बाद भी नहीं बंद हो रहा पशुओं का वध

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आजमगढ़। वादों के मुताबिक प्रदेश की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने तत्काल सभू बूचडख़ानों पर ताला लगवा दिया। लेकिन समय के साथ-साथ यह मामला ठंडा पड़ते चला गया। मौजूदा समय में हालात यह है कि पशु तस्कर धड़ल्ले से पशुओं का वध करके उनकी मांस की सप्लाई कर रहे हैं। चोरी छिपे बूचडक़ाने में भी पशुओं का वध किया जा रहा। लेकिन पुलिस इनके विरुद्ध कार्रवाई की बजाय मौन साधे हुए है।
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विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा का शीर्ष नेतृत्व दावा किया था कि उनकी सरकार आते ही सभी बूचडख़ानों पर ताला लग जाएगा। सूबे में पशुओं के वध पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने तत्काल अपने वादों पर खरा उतरते हुए सभी बूचडख़ानों पर ताला लगवा दिया। सीएम की सख्ती के बाद पुलिस भी पशु तस्करों पर अपनी भृकुटि टेढ़ी कर ली। इसी सख्ती का परिणाम रहा कि एसपी अजय कुमार साहनी ने अहरौला थाना क्षेत्र के नगर पंचायत माहुल के रहने वाले तीन पशु तस्करों के विरुद्ध एनएसए तक लगवा दिया। सरकार और पुलिस की सख्ती के चलते कुछ हद तक के लिए पशु तस्करी पर रोक जरुर लग गया, लेकिन समय के साथ-साथ सरकार और पुलिस दोनों सुस्त हो गए। परिमाण यह है कि अब जगह-जगह पशु तस्कर धड़ल्ले से पशुओं का वध करके उनकी मांस की सप्लाई कर रहे हैं। चोरी छिपे बूचडख़ानों में भी पशु काटे जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जिन-जिन क्षेत्रों में पशुओं का वध हो रहा है। वहां की पुलिस इनसे अच्छीखासी रकम ऐंठ रही है। बता दें कि शहर कोतवाली और मुबारकपुर, बिलरियागंज, सरायमीर आदि क्षेत्र में आठ से अधिक बूचडख़ाने हैं, लेकिन सख्ती के चलते किसी के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो सका है। ऐसे में तस्कर चोरी से पशुओं का वध कर रहे हैं। पुलिस अंजाम बनी हुई है।
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