आजमगढ़। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन भी नदियों में होने वाले मूर्ति विसर्जन को लेकर गंभीर हो गया है। प्रशासन की ओर से नरौली पुल के पास मूर्ति विसर्जन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। तमसा नदी के दोनों तरफ कुंड का निर्माण किया गया है।
नदियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए हाइकोर्ट ने नदियों में मूर्तियों के विसर्जन पर प्रतिबंध लगा रखा है। नगर की जीवनदायिनी तमसा नदी में ही मूूर्ति विसर्जन किया जाता था। लेकिन इससे नदी प्रदूषित होती चली गई। नदी की दशा को देखते हुए इस वर्ष वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से नरौली पुल के पास नदी के दोनों किनारों पर मूर्ति विसर्जन के लिए गड्ढे बनाए गए हैं। जिसमें दुर्गा पूजा समीतियां मूर्ति विसर्जन करेंगी।
कोट-
जिले में पूर्व में नदियों में ही मूर्तियों का विसर्जन होता रहा है। लेकिन हाईकोर्ट ने नदियों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगा रखी है। जिसे देखते नगरपालिका द्वारा तमसा नदी पर नरौली पुल के नीचे दोनों किनारों के गड्ढ़ा खोदकर उसमें पानी भरवा दिया गया है। जिसमें मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा। - लवकुश त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन