आजमगढ़। अगस्त में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के भौतिक प्रगति के निरीक्षण के लिए आए यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी ने दावा किया था कि जनवरी तक मुख्य एक्सप्रेस-वे को आम जनता के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। इस दौरान तीन माह में जिला प्रशासन की ओर से एक्सप्रेस-वे के लिए लगभग शत प्रतिशत भूमि की व्यवस्था कार्यदायी संस्थाओं के लिए कर दी गई है। कार्य भी तेजी से चल रहा है। जल्द एक्सप्रेस-वे पर लोग फर्राटा भरने लगेंगे।
लखनऊ के चांद सराय से गाजीपुर के हैदरिया तक बनने वाले 340 किलोमीटर लंबे सिक्सलेन के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लगभग 83.836 किमी का हिस्सा जनपद से होकर गुजर रहा है। एक्सप्रेस-वे सुल्तानपुर जनपद से होकर फूलपुर तहसील के खंडौरा से जनपद आजमगढ़ में प्रवेश करता है। वहीं, सदर तहसील के केरमा से मऊ जनपद में प्रवेश कर जाता है। लगभग 84 किमी का हिस्सा जनपद की चार तहसीलों से होकर गुजर रहा है। इस परियोजना से चार तहसील के 110 गांव लाभान्वित हो रहे हैं। इसमें सदर तहसील के 41, सगड़ी के 15, निजामाबाद के 22 और फूलपुर के 32 गांव शामिल हैं। परियोजना के लिए कुल 1020 हेक्टेयर भूमि ली जानी थी। इसमें 18507 किसानों से कुल 908.1682 हेक्टेयर भूमि किसानों से ली जानी थी। इसमें 859.3969 भूमि किसानों से ली जा चुकी है। शेष 48.7693 हेक्चेयर भूमि की अर्जन प्रक्रिया जारी है। इसमें किसानों का भुगतान किया जा रहा है। 112.6566 हेक्टेयर ग्राम समाज की भूमि पुनर्ग्रहित और विनियमित की जा चुकी है। इसकी एवज में 40 करोड़ रुपये भी जमा किए जा चुके हैं। भूमि खरीद के लिए शासन की ओर से अभी तक 1446.97 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें 1370.02 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। 76.85 करोड़ रुपये का भुगतान अर्जन में आए किसानों को किया जा रहा है।
65 से 70 फीसदी काम पूरा
इस वर्ष नौ फरवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किशुदासपुर स्थित पैकेज-6 के कैंप कार्यालय में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण की समीक्षा की थी। उस समय 35 फीसद काम पूरा होने की बात कही जा रही थी। दीपावली तक मेन एक्सप्रेस-वे को आवागमन के लिए खोलने का दावा किया गया था। इस बीच कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। दो माह तक एक्सप्रेस-वे का कार्य प्रभावित रहा। लॉकडाउन खुलने के बाद एक्सप्रेस-वे का निर्माण एक बार फिर तेजी के साथ किया गया। नौ अगस्त को अवनीश अवस्थी ने परियोजना की प्रगति जांची थी। एक्सप्रेस-वे को खोलने की टाइम लाइन बढ़ाकर जनवरी तक खोलने का दावा दिया गया था। अब जनपद के दो पैकेजों में 65 से 70 फीसदी के बीच काम पूरा करने की बात कही जा रही है। शनिवार को प्रगति की समीक्षा के बाद तय होगा कि इसे कब खोला जाएगा।
मिट्टी की कमी बन रही बाधा
जिला प्रशासन की ओर से परियोजना को पूरी करने के लिए शत प्रतिशत भूमि उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। लेकिन यह भी सही है कि परियोजना में मिट्टी की कमी आड़े आ रही है। जनपद में इश परियोजना की ऊंचाई काफी ज्यादा है। इसलिए मिट्टी काफी लग रही है। मिट्टी की कमी के कारण कुछ स्थानों पर काम प्रभावित हो रहा है।
इनके आगमन की सूचना
यूपीडा के सीईओ एवं अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी के साथ ही राजकीय हेलीकाप्टर से अवसंरचना और औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन, अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार के भी आगमन का कार्यकरम मिला है। तीनों अधिकारी दोपहर 12.05 बजे किशुनदासपुर स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पैकेज-छह के कैंप आफिस पहुंचेंगे। एक बजे तक बजे तक एक्सप्रे वे का निरीक्षण और समीक्षा करेंगे। इसके बाद गाजीपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।