उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां बुधवार को निलंबित आईएएस दुर्गाशक्ति नागपाल प्रकरण पर मीडिया को आड़े हाथ लिया।
उन्होंने कहा कि परदे पर यह खबर इतनी खिंची कि डोर टूट गई और जूनियर अधिकारी जख्मी हो गईं। मीडिया ने दुर्गा को दुर्गाजी बना दिया है। वर्ना तो ऐसे मामलों में एमडी स्तर से लेकर चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी सस्पेंड होते हैं, लेकिन एक लाइन नहीं छपती।
बुधवार रात को निजी दौरे पर पहुंचे आजम खां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस मामले में डीएम पर सबसे पहले कार्रवाई होनी चाहिए थी। सब जिम्मेदारी उसी की होती है। उसे पूरे तथ्यों से तुरंत मुख्यमंत्री को अवगत कराना चाहिए था।
आजम ने दावा किया कि एलआईयू की जिस रिपोर्ट को मीडिया दिखा रही है, वह तथ्यों से परे है। बिना आईएएस अधिकारियों के ही प्रदेश चलाने के सपा नेताओं के दावे पर उन्होंने एक कदम आगे बढ़कर कहा कि ऐसे अधिकारियों की संख्या हजार-दो हजार होगी पर यह देश तो सवा सौ करोड़ लोगों का है। क्या बाकी लोग देश नहीं चला सकेंगे?
उन्होंने यह भी कहा, आईएएस की व्यवस्था ब्रिटेन के लोग दे गए हैं। खुद उनके मुल्क में यह व्यवस्था नहीं है।