उत्तर प्रदेश में नगर विकास मंत्री आजम खां पर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का केस वापस लिया जाएगा। सरकार ने इस संबंध में संशोधित आदेश जारी कर दिया है।
यह आदेश प्रशासन को मिल गया, जिसके बाद एपीओ की ओर से संशोधित आदेश कोर्ट में दाखिल कर दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
सपा सरकार ने सपाइयों पर बसपा शासन में राजनैतिक द्वेष के चलते दर्ज हुए केस को वापस लेने का फैसला लिया है। इसके तहत नगर विकास मंत्री आजम खां पर दर्ज केस को भी वापस लेने की कवायद चल रही है।
अब तक तीन केस वापस भी हो चुके हैं। आजम के खिलाफ टांडा थाने में 2007 में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला दर्ज हुआ था। केस वापसी के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया था,जब कोर्ट ने चार्जशीट और शासनादेश में धाराओं में अंतर होने पर मुकदमा वापसी पर रोक लगा दी थी।
साथ ही आजम खां को कोर्ट ने 20 जुलाई को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे। डीएम ने पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी थी साथ ही संशोधित आदेश जारी कराने की संस्तुति की थी।
जिसके बाद शासन की ओर से संशोधित आदेश जारी कर दिया गया। यह आदेश प्रशासन को मिल गया है। आदेश मिलने के बाद अभियोजन अधिकारी की ओर से आदेश की प्रति सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दिया गया। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है।
क्या था मामला
2007 में स्वार टांडा विधानसभा के उप चुनाव के दौरान टांडा में आयोजित जनसभा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप नगर विकास मंत्री पर लगा था।
बसपा नेता धीरज कुमार शील की ओर से टांडा थाने में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है साथ ही यह मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है।