अयोध्या। दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति राम अनुज की जेल से रिहाई नहीं होगी। अदालत में आरोपी ने प्रार्थना पत्र देकर जमानत पर रिहा करने की मांग की थी। जिला जज रणंजय कुमार वर्मा ने जमानत का कोई आधार न पाते हुए जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
अभियोजन के अनुसार थाना पूराकलंदर क्षेत्र के कछौली गांव निवासी राम निहाल निषाद की बेटी ऊषा देवी की शादी राम अनुज से हुई थी। विदाई के बाद ससुराल में उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। बाइक और जेवर की मांग की गई। मांग पूरी न होने पर तीन दिसंबर, 2025 को उसे आग लगाकर जला दिया गया। लखनऊ के ट्राॅमा सेंटर में नौ दिसंबर को ऊषा की मौत हो गई।
मृतका के पिता की तहरीर पर पगलाभारी निवासी पति रामअनुज, ससुर राम मूरत, सास राम संवारी, ननद वीरमता व पूनम के विरुद्ध दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई। डीजीसी फौजदारी ने आरोपी पति की जमानत अर्जी का प्रबल विरोध किया और तर्क दिया कि पोस्टमार्टम में ऊषा देवी की मृत्यु जलने से होने की रिपोर्ट मिली है। मृतका का पूरा शरीर जला हुआ था। (संवाद)