जांच के घेरे में कई चेहरे
मंदिर के चढ़ावे की गणना में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले में कई लोगों की भूमिका जांच एजेंसियों के निशाने पर है। इस प्रकरण में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को अहम किरदार माना जा रहा है। बताया जाता है कि वह मंदिर की व्यवस्थाओं में सक्रिय दखल रखता था और गणना प्रक्रिया की निगरानी भी करता था।
गणना कक्ष की चाबी उसके पास रहने की बात सामने आई है। अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा की ड्यूटी चढ़ावा गणना में लगती थी। दोनों रिश्तेदारी के जरिए मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों के करीबी बताए जाते हैं। जांच के दौरान उनके घरों से कथित रूप से चोरी की रकम बरामद होने की बात कही गई है।
मनीष यादव, जो टिन्नू यादव का भतीजा बताया जाता है, भी गणना प्रक्रिया में शामिल था और उसके पास से भी रकम मिलने की चर्चा रही। अविनाश शुक्ला और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव की भूमिकाओं की भी जांच हो रही है। वहीं, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र पर अनुकल्प व लवकुश के साथ कथित साजिश में शामिल रहने के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच जारी है।
पढ़ें पूरी प्रोफाइल
1-अनुकल्प मिश्रा: अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र के बसावां गांव निवासी अनुकल्प मिश्रा श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में दानराशि की गिनती और रखरखाव से जुड़ी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
2-लवकुश मिश्रा: ये अनिल मिश्र का रिश्तेदार है। इसकी ड्यूटी चढ़ावा गणना में लगती थी, इसी के घर से चोरी की रकम बरामद हुई थी।
3-अविनाश शुक्ला: ये ड्यूटी गणना में करते थे। इसके बैंक खाते से कुछ रकम मिलने की चर्चा थी।
4-रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू: इनको चंपत राय का करीबी माना जाता है। ये गणना प्रक्रिया की देखरेख करते थे।
5-रमाशंकर मिश्र: इन पर आरोप है कि ये अनुकल्प व लवकुश के साथ मिलकर चोरी का प्लान बना रहे थे।
6-सुभाष श्रीवास्तव: ये गणना प्रक्रिया की पूरी निगरानी करते थे।
7-मनीष यादव: ये टिन्नू यादव का भतीजा है। गणना प्रक्रिया में ये शामिल रहता था।
8-करुणेश पांडेय: अनुकल्प व लवकुश के साथ पूरी साजिश में शामिल रहे।