अयोध्या। बनबीरपुर थार से रौंदकर मौत की नींद सो चुके दोनों युवक कहीं गुटबाजी के शिकार तो नहीं हो गए? यह सवाल भी रविवार को गांव में हर किसी की जुबान पर गूंजता रहा। हालांकि इसकी हकीकत बताने के लिए दोनों युवक तो बचे नहीं हैं, अब पुलिसिया कहानी प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तक ही सीमित रहेगी। हकीकत जानने के लिए पुलिस मृतक, आरोपियों व अन्य के सीडीआर भी खंगाल रही है।
कैंट कोतवाली क्षेत्र के बनबीरपुर के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति की हत्यारोपी अर्पित दुबे की काफी समय से अदावत चल रही है। अर्पित का नेटवर्क बाहरी लोगों में अधिक है तो प्रतिष्ठित व्यक्ति की टीम में गांव के लोग शामिल हैं। मतकों व उसके साथियों की भी उनसे निकटता की चर्चा है। घटना के पीछे यह गुटबाजी भी अहम मानी जा रही है। क्योंकि सीधे तौर से मृतक कप्तान की आरोपियों से कोई रंजिश सामने नहीं आ रही है। ऐसे में इस एंगल पर भी पुलिस काम कर रही है।
मृतक कप्तान सिंह का मोबाइल फोन परिजनों के हाथ लगा है। मृतक के साले मनीष सिंह ने मोबाइल की कॉल हिस्ट्री खंगाली तो 09:25 बजे एक अनजान नंबर से पांच मिनट एक सेकेंड बात हुई है। माना जा रहा है कि किसी से फोन पर कहासुनी के बाद वह लोग सड़क पर आए और इसी बीच आरोपी ने उन पर थार चढ़ा दी।