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Ayodhya News: बकरा खिलाने के नाम पर ले गए, दोबारा नहीं लौटे

Sun, 09 Feb 2025 08:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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अयोध्या। बनबीरपुर में दो युवकों की हत्या के बाद मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। तीन साल के बच्चे को गोद में लिए मृतक की पत्नी की चीख थम नहीं रही है। मीडियाकर्मियों को देखते ही वह न्याय की आस में और चिल्लाते हुए बोलीं कि 'उनके पति को बकरा खिलाने के नाम पर गांव के दो लोग लेकर गए, लेकिन वह दोबारा नहीं लौटे। उन लोगों को मेरे सामने लाओ'। इसके बाद उनका गला भर आया और आवाज मानो गायब सी हो गई। परिजन भी उन्हें सांत्वना दिलाते हुए रोने लगे।
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गोंडा जिले के नई सब्जी मंडी उतरौला रोड निवासी मनीष सिंह की छोटी बहन अंशू सिंह (25) की शादी 2018 में बनबीरपुर निवासी कप्तान सिंह उर्फ रवींद्र के साथ हुई थी। उनके तीन साल का एक बेटा भी है। शुक्रवार की रात कप्तान की हत्या के बाद अंशू विधवा हुई तो तीन साल के बेटे के सिर से भी बाप का साया उठ गया। शनिवार की सुबह तक वह इस अनहोनी से अंजान थीं। सुबह लगभग नौ बजे उन तक यह सूचना पहुंची तो उनका कलेजा मानो फट सा गया। पिछले लगभग 24 घंटे से रोते हुए उनके गले से आवाज नहीं निकल रही है। आंखों में आंसू भी रोते-रोते सूख गए हैं। बार-बार वह अचेत हो रही हैं। उनके भाई समेत परिवार के अन्य लोग ढांढस बंधा रहे हैं।
अमर उजाला टीम रविवार की दोपहर मृतक के घर पहुंची तो रोते हुए मृतक की पत्नी अंशू बाहर आईं और कहा कि उनके पति को चोट लगी थी तो उन्हें सूचना क्यों नहीं दी गई? सही से उनका इलाज होता तो शायद उन्हें बचा सकते थे। अब बताओ छोटे से बच्चे को लेकर हम कहां जाएं? बताया कि शाम को किसी ने उनके पति को फोन किया और दावत देने के लिए स्कूटी से ले गया। उनके चचेरे भाई को भी एक लोग बाइक से ले गए। अगर उन्हें पकड़ा जाए तो हकीकत पता चल सकती है।
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मृतक के साले मनीष सिंह ने कहा कि साथ में चार लोग गए थे तो दो लोगों को कुछ क्यों नहीं हुआ? कहीं इसमें किसी की साजिश तो नहीं थी? आरोपी अर्पित को कैसे पता चला कि वह लोग सड़क पर आ गए हैं? किसी ने मुखबिरी करके सूचना दी होगी। पुलिस न तो उन लोगों को पकड़ रही है ना ही अब तक उनकी बहन का बयान लिया गया है। कप्तान सिंह की आरोपी से कोई रंजिश सीधे तौर से नहीं थी। वहीं पुलिस का दावा है कि गांव निवासी शुभम सिंह और अंशू सिंह मृतकों के साथ गए थे। उन्होंने घटना देखी है, उनसे पूछताछ की जा रही है।
मृतक के पिता जज सिंह ने बताया कि घटना के बाद आरोपी उनके बेटों को इलाज के लिए नहीं ले जाने दे रहे थे। अस्पताल में भी पुलिस ने सही से इलाज नहीं कराया। उन लोगों को सुबह तक घटना की जानकारी नहीं देने दी गई। भोर में किसी से सुनकर वह अस्पताल पहुंचे तो उनका बेटा लावारिस हालत में पड़ा था। पहले से पता होता तो अच्छी जगह ले जाकर इलाज कराते, शायद उनकी जान बच जाती। गांव निवासी रवि प्रताप सिंह उर्फ कक्कू ने बताया कि मृतक कप्तान सिंह रिश्ते में उनके भतीजे थे। उनका किसी से विवाद नहीं था। घटना की सही जांच हो तो साजिशकर्ता का भी नाम सामने आएगा।
मृतक आलोक सिंह का आरोपी अर्पित दुबे से विवाद की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले जमीन व पैसे के लेनदेन को लेकर उन दोनों का विवाद हुआ था। वहीं मृतक के भाई और वादी मुकदमा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि एक दिसंबर को एक वैवाहिक कार्यक्रम में अर्पित ने कप्तान को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके लिए उन्हें भी धमकी भरा फोन किया था।
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