अयोध्या। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अयोध्या महानगर के स्वयंसेवकों ने रामकथा पार्क से संचलन निकाल कर अनुशासन का प्रदर्शन किया। घोष के ताल पर 1500 से अधिक गणवेश धारी कदम से कदम मिलाते नजर आए। इससे पहले स्वयंसेवक पारंपरिक वेशभूषा धारण कर रामकथा पार्क में एकत्रित हुए। मुख्य वक्ता के रूप में संघ के क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख मिथलेश नारायण ने कहा कि संघ सेवा के विभिन्न प्रकल्पों को लेकर समाज के अंतिम पंक्ति तक पहुंच चुका है, शताब्दी वर्ष में देश के हर हिंदू तक पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति में देशभक्ति का भाव जगाना ही हमारा लक्ष्य है। हमारी प्रेरणा श्रीराम हैं, वे श्रीराम जिनकी गोद गिद्ध जटायु के लिए भी है और भाई लक्ष्मण के लिए भी है। समरस भारत की झलक भगवान राम के ही जीवन से मिलती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवारों के भीतर सद्भाव को बढ़ावा देना, एकजुट और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पथ संचलन रामकथा पार्क से प्रारंभ होकर लता मंगेशकर चौक तुलसी उद्यान, श्रृंगार हाट होते हुए बिड़ला धर्मशाला यानी राम मंदिर के प्रवेश द्वार से पुनः वापस रामकथा पार्क में समाप्त हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संत बाबा महेंद्र सिंह गुरुद्वारा नजरबाग ने कहा कि आज गुरु अर्जुन देव की पुण्यतिथि पर सेवा और सुमिरन साथ-साथ करने की आवश्यकता है, तभी ये जीवन सार्थक होगा।
कार्यक्रम में विभाग संघ चालक मुकेश तोलानी, महानगर संघ चालक विक्रमा पांडेय, महानगर कार्यवाह देवेंद्र, सह कार्यवाह राहुल, विभाग प्रचारक कृष्ण चंद्र, सह संघ चालक डाॅ़ अजय मोहन, श्री रामजन्भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
पथ संचलन के पूरे मार्ग में संतों, महिलाओं व सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर पथ संचलन का स्वागत किया। पथ संचलन के दौरान नगर निगम के कर्मी मार्ग में विशेष स्वच्छता में लगे दिखाई दिए। रामलला के दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु भी पथ संचलन को देखकर जहां थे वहीं ठहर गए। दिल्ली से आए सचिन अरोड़ा ने कहा कि संघ के कार्यकर्ताओं का अनुशासन देखने लायक था। गाजीपुर से आए आलोक गुप्ता ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि सेना के जवान मार्च कर रहे हों, मन में देश भक्ति का संचार हो गया।