अयोध्या। कैंट कोतवाली क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र के पास से कार सवार युवक को बंधक बनाकर लूटपाट के मामले में दो आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। एक आरोपी बस्ती जिले के एक मामले में पहले से जेल में है। जबकि, वारदात से जुड़े चार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि शांतिनगर कॉलोनी निवासी उमेश कुमार मिश्रा 27 जनवरी की रात 8:30 बजे अपनी कार से औद्योगिक क्षेत्र स्थित पान-मसाले की गुमटी के पास खड़े थे। इस बीच एक व्यक्ति उनके पास आकर खड़ा हो गया। उन्होंने सवाल किया तो उनके चेहरे पर उसने मुक्के से वार करके गाड़ी के भीतर धकेल दिया।
कार के तीनों गेट से कई लोग अंदर आ गए और उनका हाथ पीछे से बांध दिया। उनकी आंख पर पट्टी बांध दी और पिटाई करते हुए उनके शरीर में तीन पिस्टल लगा दी। उनके सोने की चेन, घड़ी, चांदी का कड़ा आदि छीन लिया। लगभग चार घंटे तक वह लोग उन्हें गाड़ी में घुमाते रहे। बाद में उनके कार की चाबी उनके अगले पहिए के पास रखकर वह लोग निकल गए।
मामले में रिपोर्ट दर्ज करके एसओजी और कैंट पुलिस की टीम छानबीन कर रही थी।
छानबीन में आरोपियों की पहचान अमेठी जिले के मुसाफिरखाना क्षेत्र के पिंडासा निवासी महेश सिंह, बस्ती के छावनी क्षेत्र के रामगढ़ भरती का पुरवा निवासी सौरभ पांडेय, यहीं के नगरा पूर्वी, बदली निवासी अनुज प्रताप सिंह, बांसगांव निवासी विनोद वर्मा व रामजनम उर्फ सोनू चौधरी, परसुरामपुर क्षेत्र के जितीपुर निवासी राजकुमार यादव और देवकाली रानी निवासी आदित्य चौधरी के रूप में हुई। बस्ती में बीते दिनों हुई एक घटना में आदित्य चौधरी पहले से जेल में बंद है।
अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इस दौरान मुख्य आरोपी महेश सिंह और सौरभ पांडेय पुलिस के हाथ चढ़े गए हैं। उनके कब्जे से युवक से लूटी हुई सोने की चेन, चांदी का कड़ा, 50 हजार रुपये व घटना में प्रयुक्त कार बरामद हुई है। बताया कि आरोपी एसओजी, एसटीएफ व पुलिस अधिकारी बनकर लोगों के साथ वारदात को अंजाम देते हैं। महेश सिंह मुख्य सरगना है। उसके खिलाफ विभिन्न जिलों में 26 मामले दर्ज हैं।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह लोग चार पहिया वाहन वाले अकेले यात्रियों को टारगेट करते हैं। मौका देखकर उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर मारपीट करके, असलहा दिखाकर लूटपाट करते हैं। इस मौके पर एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी, एसओजी प्रभारी अमरेश त्रिपाठी व अन्य मौजूद रहे।