अयोध्या। कोतवाली अयोध्या पुलिस ने एक जमीन का फर्जी स्वामी बनकर एग्रीमेंट करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट दर्ज होने के लगभग एक साल बाद पुलिस को सफलता मिली है।
रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि बस्ती जिले के हर्रैया थाना क्षेत्र के जैपालपुर निवासी हरिशंकर वर्मा अपने पिता के दवा-इलाज के लिए अयोध्या आता रहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात जैतापुर, चनहा निवासी अशोक कुमार शुक्ला से हुई।
अशोक ने हरिशंकर को भीखापुर क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल के सामने खाली प्लाॅट दिखाया। बताया कि यह खाली जमीन लावारिस है, जिसे अपने नाम एग्रीमेंट कराकर बेची जा सकती है। हरिशंकर ने जमीन के बारे में ऑनलाइन खोजबीन की तो पता चला कि जमीन अंबेडकर नगर के मनीराम की है। उसने अंबेडकरनगर में मनीराम की तलाश की तो उस व्यक्ति का कहीं पता नहीं चला।
इसके बाद उसने अपने भांजे से एक लेबर उपलब्ध कराने को कहा। उसके भांजे लल्ला उर्फ राजेश वर्मा ने हर्रैया थाना क्षेत्र के मरहरी मिश्र निवासी अजय कुमार से उसकी मुलाकात कराई। हरिशंकर ने अजय कुमार के आधार कार्ड में छेड़छाड़ करके उसके नाम व निवास स्थान पर मनीराम दर्ज करवा दिया।
बाद में अपने मित्र शीतला प्रसाद के माध्यम से जगदंबा प्रसाद से सात लाख रुपये में जमीन का सौदा कर लिया। इसमें से तीन लाख रुपये एडवांस लेकर जमीन का एग्रीमेंट कर दिया। वास्तविक स्वामी मनीराम को इसकी जानकारी होने पर उन्होंने जनवरी, 2025 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी इसकी विवेचना कर रहे थे। उन्होंने शनिवार की रात 12:20 बजे आरोपियों को चूड़ामणि चौराहे के पास से गिरफ्तार किया है।