अयोध्या। जिला जेल से भागे बंदियों की तलाश में लखनऊ की रूट की ट्रेनों पर पुलिस की नजर है। इसके लिए बुधवार की रात गईं लगभग छह ट्रेनों के रूट की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल अब तक की जांच में पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
सुल्तानपुर के करौंदीकला, अमरे मऊ निवासी शेर अली और अमेठी के मुसाफिरखाना निवासी गोलू अग्रहरि जिला जेल की विशेष सुरक्षा बैरक से भाग निकले थे। कारापाल जितेंद्र कुमार यादव की तहरीर पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके छानबीन की जा रही है। पुलिस ने जेल के आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। ऐसे में बंदियों के पोस्टमार्टम हाउस के सामने स्थित बाउंड्री पार करके ट्रेन पकड़ने की प्रबल संभावना है।
इसी मकसद से बुधवार की रात गुजरीं ट्रेनों की पड़ताल की गई। सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार की भोर में 03:30 बजे छपरा से फरुखाबाद, 03:10 बजे वाराणसी से बरेली, सुबह 06:35 बजे कोलकाता से जम्मू, 05:45 बजे अयोध्या से लखनऊ, 05:25 बजे आनंद बिहार से रक्सौल ट्रेन रवाना हुई हैं। इन्हीं ट्रेनों से बंदियों के भागने की आशंका जताई जा रही है। इनके संभावित रूटों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि हर एंगल पर जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
हाईवे पर खंगाले जा रहे सीसीटीवी कैमरे
दोनों बंदी जेल से भागने के बाद रोडवेज की तरफ जाते नहीं दिखे हैं। इसलिए उनके हाईवे से भी भागने की आशंका है। इस लिहाज से पुलिस की अलग-अलग टीमें हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि माल वाहनों में लिफ्ट मांगकर भी वह भाग सकते हैं। यहां से भी अब तक कोई इनपुट नहीं मिल सका है।