अयोध्या। रामनगरी में तिलोदकी गंगा को नया जीवन मिलेगा। इसके मौजूदा स्वरूप को पूरी तरह से बदला जाएगा। नदी फिर से अपने पुराने स्वरूप में लौटेगी। पहले चरण में सात किलोमीटर की दूरी पर यह काम शुरू हो गया है। नदी की कुल लंबाई 46 किमी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हर जिले में एक नदी को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं। इस पर यहां अमल शुरू हो गया है।
सीएम योगी के निर्देश के तहत डीएम निखिल टीकाराम फुंडे की देखरेख में सोहावल क्षेत्र में गौरा ब्रह्मनान से पंडितपुर के बीच मनरेगा के माध्यम से नदी को पुराना स्वरूप देने का काम किया जा रहा है। इस सात किमी की दूरी के कई स्थानों पर 250 से तीन सौ की संख्या में मजदूरों को लगाया गया है। इन मजदूरों की ओर से नदी की सफाई की जा रही है। जिन स्थानों पर नदी के क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध कब्जे हैं, उन्हें हटवाने की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन को सौंपी गई है।
इस बारे में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने अमर उजाला को बताया कि 30 जून तक नदी की सफाई और अतिक्रमण हटाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद एक से सात जुलाई तक मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार नदी के तट पर वृहद पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। पौधरोपण के लिए गड्ढों की खोदाई का काम 20 जून से शुरू होगा। इस काम को भी 10 दिन में पूरा कर लिया जाएगा।
सीडीओ के अनुसार गौरा ब्रह्मनान को तिलोदकी गंगा का उद्गम स्थल माना जाता है। इसीलिए यहां से नदी की सफाई का काम शुरू करवाया गया है। जबकि पंडितपुर ऋषि रमणीक की तपोस्थली है। यहीं पर समदा झील में तिलोदकी गंगा मिलती है। समदा झील का सुंदरीकरण का काम भी तेज गति से चल रहा है। इसे पर्यटन विकास से भी जोड़ा गया है। इस पूरे काम की ड्रोन के माध्यम से वीडियोग्राफी करवाई जा रही है।