अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में आरोपियों ने उन पर लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए हैं। पुलिस की ओर से दाखिल पुलिस हिरासत पर आपत्ति करते हुए आरोपियों ने अब तक की विवेचना की पूरी मामले की डायरी अदालत में पेश करने की मांग की है।
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक अदालत रजत वर्मा के अवकाश पर होने के कारण प्रार्थना पत्र प्रभारी न्यायाधीश दीपिका तिवारी की अदालत में पेश किया गया। प्रभारी न्यायाधीश ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तारीख तय की है। साथ ही संबंधित थाने से रिपोर्ट भी मांगी है। जेल में बंद अविनाश, अनुकल्प, लव कुश, मनीष कुमार, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की ओर से लीगल एड डिफेंस कौंसिल के उप प्रमुख कुलशेखर सिंह ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि विवेचक उन अपराधों में विवेचना कर रहे हैं जो किए ही नहीं गए हैं। आरोपियों पर लगाए गए आरोपों में अधिकतम सजा सात साल है। कुलशेखर सिंह ने बताया कि आरोपी कोई अभ्यस्त चोर नहीं हैं और न ही उन्होंने सेवक होते हुए कोई आपराधिक न्यास भंग किया है। उन पर भारतीय न्याय संहिता का अपराध नहीं बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी कोई लोक सेवक नहीं हैं। कुलशेखर सिंह ने 10 अगस्त को पुलिस हिरासत की सुनवाई से पहले मामले की पूरी विवेचना डायरी तलब करने की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया कि आरोपियों को उचित अपराध में ही पुलिस हिरासत की मंजूरी दी जाए। मामले की डायरी तलब होने पर पुलिस की ओर से छिपाए जा रहे तथ्य अदालत के सामने उजागर हो सकते हैं।