कोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे
राम मंदिर परिसर में ही सभी आरोपियों को रात लगभग 8.00 बजे ही कस्टडी में ले लिया गया। उनसे पुलिस ने कई चरणों में पूछताछ की और शुक्रवार की दोपहर लगभग 2.00 बजे पुलिस लाइन स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. आशीष पाठक और फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव की टीम ने उनका मेडिकल परीक्षण किया। इसके बाद दोपहर लगभग 03:30 बजे कचहरी ले जाया गया, जहां उन्हें रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया। इस दौरान पुलिस थाने, राम मंदिर, पुलिस लाइन, जिला अस्पताल, कचहरी परिसर आदि स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।
अपने ही कर्मियों का विवरण नहीं बता सके ट्रस्टी
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने ही आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन सभी आरोपियों के पिता के नाम व पते की उन्हें जानकारी नहीं थी। इस वजह से एफआईआर कॉपी में पिता के नाम और पते का कॉलम रिक्त रहा। गणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में जुटे कर्मियों का भी पूरा विवरण ट्रस्ट के पास न होना भी घोर लापरवाही की श्रेणी में बताया जा रहा है। इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चा है।