09- कृषि विश्वविद्यालय में जल भरो कार्यक्रम में मौजूद कुलपति व अन्य- संवाद
कुमारगंज। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के प्रेक्षाग्रृह में जीवनचक्र में पोषणीय समानता विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति डाॅ. बिजेंद्र सिंह व अन्य अतिथियों ने किया। कुलपति सिंह ने कहा कि पोषण की शुरुआत नवजात अवस्था से ही हो जाती है। बच्चों के जन्म से प्रारंभिक 1000 दिवस तक उनके पोषण का ध्यान बहुत जरूरी है। यह उन्हें स्वस्थ जीवन प्रदान करता है। मैदा निर्मित उत्पादों से युवा पीढ़ी दूरी बनाए।
उन्होंने बताया कि विभिन्न सब्जियों को आहार में शामिल करना चाहिए, जिससे आहार संतुलित बना रहता है। कुलपति ने कहा कि आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए गाजर, हरे पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए। युवा पीढ़ी को मैदा से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। मोरिंगा के फूल, पत्तियां एवं छिलकों में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आईटी कॉलेज लखनऊ के मुख्य वक्ता डॉ. नीलम कुमारी ने कहा कि आज के दौर में गलत जीवन शैली हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है।
बताया कि प्रोटीन के स्रोत जैसे अंडा, दूध, इत्यादि को आहार में शामिल करना चाहिए। आयरन युक्त आहार महिलाओं को विशेषकर एनीमिया से बचाव करता है। केजीएमयू लखनऊ की सीनियर डाइटीशियन डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि व्यक्ति को अपनी भोजन की थाली को इंद्रधनुष थाली बनाना चाहिए। कैंसर से बचने के लिए पांच ग्राम गरी, दो मिली लीटर नारियल का तेल अपने आहार में शामिल करना चाहिए। पोषण माह अंतर्गत रेसिपी प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता एवं पोस्टर प्रतियोगियों के विजेता छात्र-छात्राओं को कुलपति ने प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया। अधिष्ठाता डाॅ. साधना सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया । संचालन डॉ़ प्रज्ञा पांडेय व धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. अनीशा वर्मा ने किया।