अयोध्या। नेपाल में जारी हिंसा के असर से भारतीय पर्यटक भी अछूते नहीं हैं। नेपाल बार्डर पर कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले 36 से अधिक यात्री फंसे हैं, जिसमें अयोध्या के आठ यात्री शामिल हैं। यह लोग पिछले 12 घंटे से नेपाल-चीन सीमा हिलसा कस्बे में फंसे हुए हैं। आवागमन का कोई साधन न मिलने से उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
नेपाल में बिगड़े हालात को देखते हुए प्रशासन ने सीमा पर यातायात को रोक दिया है, जिसके कारण लोग वहीं रुकने को मजबूर हैं। न भोजन की सही व्यवस्था है और न आराम की समुचित जगह। इससे यात्रियों का संकट और गहरा हो गया है। अयोध्या के शक्ति विहार कालोनी निवासी सुशील राजपाल ने अमर उजाला को बताया कि वे पिछले 12 घंटे से नेपाल के हिलसा में फंसे हैं। कहा कि यह बहुत ही छोटा कस्बा है। यहां खाने-पीने और रहने की बड़ी समस्या है। बताया कि हिलसा से चॉपर के जरिये सेमीकोट पहुंचना था। वहां से नेपालगंज। फिर बहराइच होते हुए अयोध्या पहुंचना था, लेकिन चॉपर सेवा को बंद कर दिया गया है, सीमा पर यातायात रोक दिया गया है।
हिलसा से आगे बढ़ने का कोई माध्यम नहीं मिल रहा है। हमारे साथ महिलाएं व बुजुर्ग भी हैं। हमें जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने की व्यवस्था की जाए। उधर यात्रियों के परिजनों की बेचैनी बढ़ गई है। अयोध्या निवासी सुशील राजपाल के छोटे भाई धीरज राजपाल ने बताया कि सुबह से लगातार फोन कर हालात जानने की कोशिश कर रहे हैं। परिवारीजन असुरक्षित हालात में हैं। सरकार और प्रशासन से अपील करते हैं कि परिजनों को सुरक्षित घर पहुंचाया जाए।
संकट की इस घड़ी में यात्री सोशल मीडिया का भी सहारा भी ले रहे हैं। लगातार ट्वीट और पोस्ट के जरिये वे सरकार और स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। यात्रियों के दल में शामिल लखनऊ निवासी एक यात्री ने सीएमओ कार्यालय को एक्स कर स्थिति से अवगत कराया है। जबकि एक यात्री की ओर से पीएमओ कार्यालय को भी एक्स कर पूरे मामले की जानकारी दी गई है। सुशील राजपाल ने बताया कि पीएमओ कार्यालय से आश्वासन मिला है कि जल्द ही फंसे लोगों को घर लाने की व्यवस्था की जाएगी।
गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह ने बुधवार को प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर नेपाल के हिलसा में फंसे अयोध्या के लोगों को सुरक्षित निकालने का अनुरोध किया है। उन्होंने फंसे हुए लोगों के मोबाइल नंबर व नाम भी पत्र में लिखे हैं। देर शाम हिलसा में फंसे लोगों के परिजनों ने जिलाधिकारी अयोध्या निखिल टीकाराम फुंडे से मुलाकात भी की है। उन्होंने भी मदद का आश्वासन दिया है।
नेपाल में फंसे यात्रियों में सुशील राजपाल, रमाकांत यादव, मदन जायसवाल, शैलेंद्र अग्रहरि, प्रदीप गुप्ता, अभय विक्रम सिंह, चमन सिंह और अनूप सिंह शामिल हैं।