अयोध्या। तीन साल पहले बुलेट की मांग को लेकर विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने में पति प्रियांशु शुक्ला, सास सरला व ससुर श्याम नारायण को अदालत से बड़ी राहत मिली है। एसीजेएम गीतिका सिंह ने पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध कोई सबूत न पाते हुए यह फैसला सुनाया है।
अभियोजन के अनुसार मोहिनी मिश्रा का विवाह थाना कोतवाली बीकापुर क्षेत्र के जलालपुर माफी निवासी प्रियांशु शुक्ला से 22 अप्रैल 2021 को हुआ था। विवाह में कम दहेज को लेकर पति प्रियांशु शुक्ला, ससुर श्याम नारायण,सौतेली सास सरला शुक्ला सहित ससुराल के लोगों ने उत्पीड़न किया। बुलेट की मांग पूरी न होने पर जुलाई 2022 को घर से निकाल दिया।
घटना की रिपोर्ट थाना कोतवाली बीकापुर में दर्ज कराई गई। अदालत में सुनवाई के दौरान वादी मुकदमा मोहिनी मिश्रा ने बयान दर्ज कराया कि उसके ससुराल वालों ने कोई दहेज की मांग नहीं की है।दरोगा ने उसका बयान भी नहीं लिया था। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद तथ्यों एवं पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया।