अयोध्या। मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में इलाज कराने आई एक महिला की जांच रिपोर्ट में शुगर का स्तर 1074 बताया गया। इससे मरीज और तीमारदार भयभीत हो गए। आनन-फानन उन्होंने निजी केंद्र पर दूसरी जांच कराई तो शुगर का स्तर 94 बताया गया, तब उन्होंने राहत की सांस ली।
पूरा ब्लॉक के कुर्मी का पुरवा निवासी संदीप वर्मा ने बताया कि उन्होंने अंबेडकर नगर के इल्तिफातगंज निवासी इंद्रावती (70) को पांच मार्च को मेडिकल कॉलेज में दिखाया गया था। डॉक्टर ने उनकी शुगर समेत कई अन्य जांच लिखी थी। दोपहर में रक्त का नमूना दिया गया, जिसकी अगले दिन रिपोर्ट जारी हुई तो वह लोग दंग रह गए। इसमें शुगर का स्तर 1074 एमजी/डीएल बताया गया।
जबकि उन्हें पूर्व में कभी शुगर की बीमारी नहीं थी। इससे परिजन भयभीत होकर बाहर स्थित एक निजी लैब में गए, जहां शुगर की रिपोर्ट सामान्य बताई गई। उन्होंने कहा कि मरीज की जांच रिपोर्ट में इस तरह की लापरवाही करना घोर निंदनीय है। इससे डर वश मरीज की मौत भी हो सकती थी। इसकी उच्चाधिकारियों से शिकायत करके कठोर कार्रवाई कराई जाएगी।
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आंख मूंदकर दे रहे जांच रिपोर्ट, करा रहे किरकिरी
मेडिकल कॉलेज में कर्मचारी आंख मूंदकर जांच रिपोर्ट जारी कर रहे हैं। मशीन की त्रुटिवश भी यदि रिपोर्ट असाधारण दिखती है तो उसकी पुष्टि के लिए दोबारा नमूने लेकर जांच का प्रावधान है। ऐसे में शुगर का स्तर 1074 होने की रिपोर्ट देना स्वास्थ्यकर्मियों की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मर्तौलिया ने बताया कि जांच की गुणवत्ता सुधारने के लिए पीओसीटी लैब के कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अपने स्तर से भी इसकी निगरानी की जा रही है। मामले की जांच कराकर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।