हनुमतनगर। रामकुमार गुप्ता उर्फ पप्पू की मौत के बाद पगलाभारी में दीपावली से पूर्व लगातार तीन वर्षों से हो रहे धमाकों का सिलसिला अब थम जाएगा। ग्रामीणों में ऐसी ही चर्चा सुनने को मिल रही है। हालांकि, सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल पर अभी भी पुलिस का पहरा है।
पूराकलंदर क्षेत्र के कल्याण भदरसा मजरे पगलाभारी में रामकुमार गुप्ता के मकान में लगातार तीन वर्षों से धमाका हो रहा है। पहला धमाका वर्ष 2023 में हुआ था, लेकिन धमाका इतना जोरदार नहीं था, जिससे बड़ा मामला नहीं हुआ। इस घटना में उसकी मां शिवपता को चोटें आई थीं, जिससे मामला तूल नहीं पकड़ा।
दूसरा धमाका 13 अप्रैल, 2024 को हुआ। वह धमाका इतना जोरदार था कि पूरा मकान भर-भराकर गिर गया। गांव के ही राम कुमार कोरी की बेटी प्रियंका (19) की मौत हो गई। इलाज के दौरान उसकी पत्नी बिंदू (32), मां शिवपता (65) की मौत हो गई थी। ग्रामीणों के विरोध के चलते इस बार रामकुमार गांव के अंदर मकान नहीं बनवा सका तो वह गांव के बाहर मधुपुर मार्ग पर मकान बनाकर रहने लगा।
बृहस्पतिवार की शाम करीब 07:30 बजे राम कुमार के मकान में तीसरा धमाका हुआ था। इस बार धमाका इतना जोरदार था कि पांच किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज गूंजी। घटना में रामकुमार (35), बेटी ईसा (12), बेटा लव (7) और यश (5), श्रमिक राम सजीवन और साली वंदना समेत छह लोगों की मौत से पूरा गांव सहम गया। शनिवार को घटनास्थल पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है। गांव की स्थिति सामान्य हो रही है, लोग अपने दिनचर्या के कार्यों में जुट गए है। गांव के लोगों में बस एक बात की चर्चा है कि राम कुमार की मौत के बाद से अब शायद गांव में धमाकों का सिलसिला थम जाएगा।