अयोध्या। रामनगरी की प्रतिष्ठित पीठ राज गोपाल मंदिर के पूर्वाचार्य महंत कौशल किशोर शरण फलाहरी बाबा की पुण्यतिथि पर आयोजित स्मृति पर्व का समापन मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और भावपूर्ण वातावरण में हुआ। इस अवसर पर संतों, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं ने उन्हें नमन करते हुए उनके तप, त्याग और साधुता से भरे जीवन को स्मरण किया।
समापन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि फलाहारी बाबा का जीवन सादगी, सेवा और साधना का प्रेरक उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देता रहेगा। संकट मोचन सेना के अध्यक्ष संजय दास ने कहा कि फलाहारी बाबा का संपूर्ण जीवन धर्म और समाज की सेवा को समर्पित रहा। महंत गिरीश दास ने कहा कि ऐसे संत विरले होते हैँ, फलाहारी बाबा ने अपने आचरण से सिद्ध किया कि सच्चा संत वही है, जो स्वयं साधना करे और समाज को भी प्रकाश दे। मंदिर के अधिकारी सर्वेश्वर दास शरद ने कहा कि फलाहारी बाबा आज देह से भले ही दूर हों, पर अयोध्या की हवा में उनका तप अब भी महसूस किया जा सकता है।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में निर्वाणी अनि अखाड़ा के महंत मुरली दास, हनुमानगढ़ी के सरपंच महंत रामकुमार दास,महंत मैथिली रमण शरण, महंत जन्मेजय शरण, महंत शशिकांत दास, महंत हरीभजन दास, महंत छविराम दास, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, पुजारी रमेश दास शामिल रहे।