अयोध्या। दुल्ह श्री रघुनाथ बने दुलहिन सिय सुंदर मंदिर मांही। राम को रूप बिलोकत जानकी कंगन की नग की परछांहीं...। भगवान श्रीराम दूल्हा बने हैं तो माता सीता दुल्हन के रूप में सजी हैं। भगवान श्री सीताराम विवाहोत्सव के अवसर पर राम व माता सीता की दिव्य छवि का दर्शन कर सभी निहाल हो रहे हैं।
भगवान श्रीराम समेत चारों भाइयों की बरात सोमवार की देर शाम जानकीघाट स्थित बड़ा स्थान मंदिर से निकली। इससे पहले दशरथ महल में भगवान का भव्य तिलकोत्सव हुआ। साधु-संत भगवान के तिलकोत्सव के साक्षी बने। दशरथ महल में तिलकोत्सव के का उल्लास रविवार देर रात तक छलकता रहा। सोमवार की देर शाम भगवान के स्वरूपों को सज्जित कर बड़ा स्थान जानकीघाट से भव्य राम बरात सुर संगीत धाम विवाह मणि मंडप वासुदेवघाट के लिए निकाली गई। रथों पर सवार भगवान के स्वरूपों पर जगह-जगह पुष्पवर्षा की जाती रही। महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य की अगुवाई में व जगद्गुरु कृपालु रामभूषण दास कृपालु के संयोजन में निकली राम बरात में महंत कमलनयन दास, महंत वैदेही बल्लभ शरण, महंत जन्मेजय शरण, महंत डॉ़ रामानंद दास, महंत विवेक आचारी, महंत रामशंकर दास रामायणी, महंत शशिकांत दास समेत अन्य शामिल रहे।